Hindi Story: बाबा लोगों का अपना ही क्रेज होता है जनाब. ये किसी क्रिकेट लीग से कम नहीं, बस फर्क इतना है कि यहां टी-20 की जगह टीकाचंदन और चंदे का चौकाछक्का चलता है. सब से पहले मुखातिब होइए टीकाचंदन स्पैशल बाबाजी से. हाथ में छोटा सा सिंगार बौक्स, माथे पर त्रिपुंड और निगाह हमेशा इस खोज में कि कौन सा यजमान आज ‘सेवा’ करवाने के मूड में है.
ये एक ही झटके में तिलक लगा कर ऐसा आशीर्वाद देते हैं कि यजमान के पर्स का भार मनचाहे आशीर्वाद के बोझ से तत्काल ही हलका हो जाता है. 100-50 की दैनिक आमदनी से ये खुद तो गुजारा करते ही हैं, साथ में भक्ति भावना की जीडीपी भी बढ़ाते रहते हैं. फिर आते हैं गंगा किनारे वाले बाबा, जिन का लाइफस्टाइल ‘आल इनक्लूसिव नशा पैकेज’ जैसा होता है.
चिताभस्म का कुदरती फेस पैक लगा कर, गांजाभांग की और्गैनिक स्मूदी पी कर ये संसार से विरक्ति की ऐसी परिभाषा गढ़ते हैं कि मार्केटिंग वाले भी सोच में पड़ जाएं. इन का मूल और मस्त मंत्र है ‘जीवन माया है, बस नशा सच है’. इन बाबाओं के मदमस्त हालात केआगे बौलीवुड के ‘बाबा’ का नशा भी कम मालूम पड़ता है.
बाबा की एक और प्रजाति भी है. ये हिमालयन साइलैंस मोड बाबा हैं. ये वे लोग हैं, जिन्होंने परिवार, समाज, बिजली बिल, सब से मुक्ति पा रखी है. इन की साधना इतनी स्ट्रौंग है कि नैटवर्क कंपनी वाले भी इन के इलाके में टौवर लगाने की हिम्मत नहीं करते. लेकिन असली खेल शुरू होता है कथावाचक लग्जरी बाबा से. मंच ऐसा कि बौलीवुड स्टार्स का सैट फीका पड़ जाए.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन




