Hindi Kahani: ‘हां सब की इच्छा पूरी होती है.’ आजकल भगवानों में कारोबारी होड़ लगी हुई है. सब ने एक ऐसा स्लोगन ढूंढ़ निकाला है, जो आम आदमी को अपनी तरफ खींचता है. कहते हैं कि यहां सब की इच्छा पूरी होती हैऔर इस में कोई शक भी नहीं कि ज्यादातर लोगों की इच्छाएं पूरी होती हैं. 90 से 95 फीसदी तक, पर वे कैसे पूरी होती हैं? क्या यह किसी बाबा या भगवान का चमत्कार है या जो चंदा हम उस द्वार पर चढ़ाते हैं या फिर कोई मनोविज्ञान?

पहले तो हमें यह देखना होगा कि हम मांग क्या रहे हैं? मान लीजिए कि एक गरीब आदमी के पास एक टूटी हुई साइकिल है, जो रोजाना वर्कशौप में ही खड़ी रहती है. वह भगवान से एक साइकिल मांगता है और कहता है कि पुरानी ही देदे भगवान, बस रोजाना वर्कशौप ठीक कराने जाना पड़े. एक इनसान के पास एक ठीक सी साइकिल है, पर थोड़ी पुरानी हो गई है, वह भगवान से एक नई साइकिल की इच्छा रखता है.
एक इनसान, जिस के पास साइकिल है और 10-12 हजार रुपए हैं, वह एक पुराने स्कूटर या पुरानी मोटरसाइकिल की इच्छा रखता है और जिस के पास पुराना दोपहिया है, वह एक नए दोपहिया के लिए प्रार्थना करता है.

ठीकठाक दोपहिए वाला एक पुरानी कार की इच्छा रखता है और पुरानी कार वाला एक नई कार की. और इसी तरह एक छोटी कार वाला एक बड़ी कार की. कोई लड़का या लड़की अच्छे कालेज में दाखिले की, फिर अच्छी नौकरी की. कोई बहनबेटी की शादी की. खतरनाक बीमारी हो गई है, तो उस के ठीक होने की. सड़क पर सोता होगा तो ?ाग्गी की और ?ाग्गी में सोता होगा तो एक किराए के कमरे की, किराए के 3 कमरे हों तो  अपना हो जाए चाहे एक ही हो. और अगर एक कमरा है तो 2 कमरे, 2 हों तो 3 कमरेऔर इन में से ज्यादातर लोगों की तमन्ना पूरी हो जाती है. किसी गरीब आदमी की ?ाग्गी की छत बहुत ठीक होने के चलते उस में बारिश में पानी टपकता है या सर्दीगरमी में ठंड और गरमी लगती होगी, तो वह भगवान से यही कहता होगा कि कुछ पैसे जाएं, तो मैं छत ठीक करवा लूं.

क्यों और कैसे यह इच्छा पूरी होती है, क्योंकि वह भक्त अपनी इच्छा पूरी करने के काफी करीब है, वह उस को पाने वाला ही है, कोशिश तो वह कर ही रहा है और वह अपनी इच्छा पूरी करने में सक्षम है और उस की इच्छा बहुत बड़ी भी नहीं है. टूटी हुई साइकिल वाले के लिए पुरानी ठीक साइकिल, पुरानी ठीक साइकिल वाले के लिए नई साइकिल और नई साइकिल वाले के लिए पुराना स्कूटर, पुराने स्कूटर वाले के लिए नया स्कूटर और नए स्कूटर वाले के लिए पुरानी कार और पुरानी कार वाले के लिए नई कार और छोटी कार वाले के लिए बड़ी कार की इच्छा पूरी होने की बहुत ज्यादा उम्मीद रहती है. सड़क पर सोने वाले के लिए ?ाग्गी, ?ाग्गी वाले के लिए किराए के कमरे की इच्छा पूरी होने की बहुत ज्यादा उम्मीद रहती है. ये सब लोग अपने मकसद के बहुत करीब हैं.

बहनबेटी का ब्याह भी हो ही जाएगा, चाहे जो भी लड़का मिलेगा. बेटेबेटी का भी कालेज में दाखिला होगा और कहीं कहीं नौकरी भी लग ही जाएगी. शुरू में कम और बाद में ज्यादा तनख्वाह की नौकरी लग जाएगी. आज के हालात और इच्छा में आर्थिक अंतर जितना कम होगा, उतनी ही इच्छा पूरी होने की उम्मीद ज्यादा और जल्दी रहेगी. जितना अंतर ज्यादा होगा, उतना समय ज्यादा लगेगा और उम्मीद कम हो जाएगी या फिर उस इच्छा को पूरा करने के लिए गलत रास्ता अपनाना होगा. अगर टूटी हुई साइकिल का मालिक एक नई मोटरसाइकिल की इच्छा करने लगे तो उस की उम्मीद कम हो जाएगी और इच्छा पूरी हुई तो बहुत ज्यादा समय लगेगा. अगर एक किराए के कमरे में रहने वाला कोठी की तमन्ना करने लगे तो
उस की उम्मीद बहुत कम हो जाएगी और हो सकता है कि एक पीढ़ी भी पार कर जाए.

एक आदमी जिस के पास साइकिल है और 10-12 हजार रुपए हैं, तो सम?ों कि आप की इच्छाएं कैसे पूरी हो रही हैं. गांव के लोगों की इच्छाएं पूरी नहीं होतीं, क्योंकि उन की इच्छाएं होती ही नहीं हैं. इच्छाएं क्यों नहीं होतीं, क्योंकि उन की जेब में पैसे ही नहीं हैं. वे किसी भी इच्छा को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए वे भगवान के द्वार अपनी अर्जी नहीं लगाते हैं. मु? ऐसे फोन आते हैं कि आप लक्ष्मी, हनुमान, गणेश किसी एक का लौकेट खरीद लें, जो ओरिजनल है (बाजार में डुप्लीकेट भी हैं), आप की सब इच्छाएं पूरी हो जाएंगी और आप के घर लक्ष्मी बरसेगी. कीमत मात्र 3,000 रुपए. मैं ने उस से कहा कि मु? 100 लौकेट दे दें, लेकिन मैं अभी पैसे नहीं दूंगा. मैं  उन को भारत के किसी गरीब गांव में जा कर बांट दूंगा और एक साल बाद जा कर देखूंगा कि कितने लोगों के घर लक्ष्मी बरसी है.

अगर उन में से 50 फीसदी लोग भी अमीर (पेटभर पौष्टिक भोजन, बच्चों को पढ़ाईलिखाई, कपड़े, बड़ों को स्कूटर) हो गए होंगे, तो मैं आप को 6,000 के हिसाब से 3 लाख के बदले 6 लाख दूंगा. इस के बाद से उस का फोन आना बंद हो गया यानी कोई चमत्कार, बाबा या भगवान कुछ नहीं कर रहा. आप ही कर रहे हैं.
एक स्लोगन है किभगवान उन की सहायता करता है, जो अपनी सहायता स्वयं करते हैंतो फिर भगवान क्या करता है? यानी मु? ही कुछ करना है और मैं कर भी रहा हूं, तभी तो मेरी समस्याएं दूर हो रही हैं.
भगवान, अल्लाह, गौड से मेरा मतलब सर्वशक्तिमान यानी सुपर पावर से है.   Hindi Kahani

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