Heart Touching Story. शाम धीरेधीरे अपने आंचल को फैलाती जा रही थी. आसमान में धूप की हलकी पड़ती किरणें जैसे किसी बिछड़ते रिश्ते की आखिरी चमक बन कर ठहर गई थीं.
रेलवे स्टेशन पर हलचल थी, आवाजें थीं, चाय वालों की पुकार थी, कुलियों की भागदौड़ थी, लेकिन इस शोर के बीच भी अर्जुन के भीतर एक ऐसा सन्नाटा था, जिसे कोई सुन नहीं सकता था.
प्लेटफार्म नंबर 3 पर खड़ी ट्रेन जैसे केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि यादों को भी अपने साथ ले जाने के लिए तैयार थी. अर्जुन हाथ में टिकट लिए खड़ा था, लेकिन उस की उंगलियां हलकेहलके कांप रही थीं.
वह बारबार भीड़ में झांकता, जैसे किसी खोई हुई चीज को ढूंढ़ रहा हो. उस की आंखों में एक बेचैनी थी... वह बेचैनी जो केवल उस इनसान के आने से खत्म हो सकती थी, जिस के बिना उस की दुनिया अधूरी थी. और फिर वह दिखी. नैना.
https://youtube.com/shorts/D0NG5wmQRrs?si=kadI1tharDWIywrh
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हलके गुलाबी सूट में, खुले बालों के बीच उस का चेहरा वैसा ही था... मासूम, शांत, लेकिन आज उस में एक गहरा दर्द भी छिपा हुआ था. वह धीरेधीरे उस की ओर बढ़ रही थी, जैसे हर कदम उसे अर्जुन से नहीं, बल्कि खुद से दूर कर रहा हो.
दोनों आमनेसामने थे, लेकिन शब्द कहीं खो गए थे. उन के बीच केवल खामोशी थी और वह खामोशी ही सब से ज्यादा बोल रही थी.
‘‘तुम आ गई...’’ अर्जुन ने जैसे अपने ही भीतर से आवाज निकालते हुए कहा.
नैना ने हलका सा सिर हिलाया, ‘‘नहीं आती तो शायद जिंदगीभर खुद को माफ नहीं कर पाती,’’ उस की आवाज में एक कंपन था, जो सीधे अर्जुन के दिल तक उतर गया.
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