News Story.एलैक्सा पर ‘रिमझिम गिरे सावन…’ गाना बज रहा था. अनामिका ने पिंक शौर्ट्स और ब्लू टीशर्ट पहनी हुई थी. वह अपनी रसोई में पकौड़े बना रही थी. आज उस की और विजय की पकौड़ा डेट थी और साथ ही उन्हें अपने रोड ट्रिप पर डिस्कस भी करना था.
विजय डाइनिंग टेबल पर बैठा गरमागरम पकौड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहा था.
‘‘अरे अनामिकाजी, कहां रह गए प्याज और आलू के खस्ता पकौड़े. या सिर्फ चटनी से ही काम चलाना पड़ेगा,’’ विजय ने इमली की चटनी चाटते हुए कहा.
‘‘वेट प्लीज, और हां, इंतजार का फल मीठा होता है,’’ कहते हुए अनामिका आई. उस के एक हाथ में पकौड़ों की प्लेट और दूसरे हाथ मे कोल्डड्रिंक की बोतल थी.
‘‘और हां जनाब, पकौड़े खा कर बरतन आप को धोने हैं,’’ कहते हुए जैसे ही अनामिका पास आई तो विजय ने उसे किस किया और बोला, ‘‘सब्र का फल भले ही मीठा होता होगा, पर इस रिम?िम बारिश में नमकीन खाने का कहना ही क्या,’’ इतना कह कर उस ने एक गरम पकौड़ा मुंह में रख लिया और फिर ‘फूंफूं’ करता हुआ बोला, ‘‘हाय, कभी बेसब्रा नहीं होना चाहिए, मुंह जल जाता है.’’
इतना सुनते ही अनामिका हंस पड़ी, ‘‘तुम्हारे साथ ऐसा ही होना चाहिए. वैसे, एक बात बताओ मेरे बुद्धूराम, तुम ने हमारे खजुराहो ट्रिप का क्या प्लान बनाया है?’’
‘‘चलो, दिल्ली से खजुराहो कार ट्रिप का पैट्रोल बजट देखते हैं. दिल्ली से खजुराहो की दूरी तकरीबन 667 किलोमीटर है और हम बुंदेलखंड एक्सप्रैसवे से हो कर जाने वाले इस रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. एक ड्राइव में हम 10 से 11 घंटे में वहां पहुंच जाएंगे. हमारा पैट्रोल, टोल टैक्स, पार्किंग चार्ज और खानेपीने का खर्च अंदाजन 13,500 रुपए आ सकता है. चूंकि हमारी गाड़ी 13 साल पुरानी है, तो पैट्रोल खर्च में उन्नीसबीस का फर्क हो सकता है,’’ विजय ने कहा.
‘‘और होटल का खर्च कितना है?’’ अनामिका ने पूछा.
‘‘2 रात और 3 दिन के लिए तुम समझ लो 12,000 हजार रुपए, जिस की पेमेंट मैं ने औनलाइन कर दी है,’’ विजय बोला, ‘‘जरूरी होगा तो बीच में कहीं ब्रेक ले लेंगे.’’
अनामिका और विजय का यह मानसून सैक्सीमून ट्रिप इसलिए भी खास था, क्योंकि बारिश के मौसम में खजुराहो में हरियाली ज्यादा बढ़ जाती है और मंदिर की धुलाई अच्छे से हो जाती, जिस से मूर्तियां निखर जाती हैं, तो उन्हें बारीकी से देखने का मजा ही अलग होता है.
अगले दिन वे दोनों सुबह सही समय पर गाड़ी से निकले. उन दोनों का ट्रिप अच्छा जा रहा था, पर असली क्लेश तो तब शुरू हुआ जब छतरपुर इलाके में जा कर उन की गाड़ी में कुछ दिक्कत हुई.
‘‘यार, लगता है किसी मेकैनिक को दिखानी पड़ेगी. पैट्रोल तो एकदम सही भरवाते आए हैं, पर लगता है यहीं टंकी खाली हो गई है. एवरेज भी उतनी नहीं निकली जितनी मुझे उम्मीद थी,’’ विजय ने एक गैराज के सामने गाड़ी रोकते हुए कहा.
मेकैनिक ने गाड़ी का इंजन खोल कर पूछा, ‘‘साहब, कौन सा पैट्रोल डलवाया था गाड़ी में?’’ ‘‘ई20 पैट्रोल. क्या हुआ?’’ विजय ने पूछा.
‘‘अच्छा जो गन्ने, मक्का, चावल के चोकर से बनता है. इसे बायोफ्यूल बताया गया है. सरकार इसे पैट्रोल में मिला रही है, ताकि कच्चे तेल का इंपोर्ट कम हो और प्रदूषण भी कम हो,’’ मेकैनिक ने कहा.
‘‘हां, वही है. यह सस्ता भी पड़ता है. पर क्या इस से गाड़ी को नुकसान हो सकता है?’’ अनामिका बोली.
‘‘सर, मैं ने जो सुना था उस के मुताबिक अगर गाड़ी 2009 से 2023 के बीच की है तो हलकाफुलका असर हो सकता है. माइलेज 5-8 फीसदी कम हो सकती है. इथेनौल में पैट्रोल के मुकाबले 30 फीसदी कम एनर्जी होती है. रबड़ या प्लास्टिक के पुराने पाइप इथेनौल से घिस सकते हैं.
‘‘इथेनौल नमी खींचता है, इसलिए टैंक में जंग लगने का रिस्क बढ़ जाता है. लिहाजा, पुरानी गाड़ी में इलेज और मेंटेनैंस का ध्यान रखना पड़ेगा,’’ मेकैनिक बोला.
यह सुन कर अनामिका और विजय दोनों सिर खुजाने लगे. रास्ते में कई जगह बारिश की वजह से रोड भी खराब मिली थी और गाड़ी पानी में भी निकालनी पड़ी थी.
‘‘अरे भैया, यह सब मामला क्या है? हमारी गाड़ी में दिक्कत क्या हुई है? क्या रोड के गड्ढे इस की वजह हैं या फिर ई20 पैट्रोल में कोई समस्या है?’’ अनामिका ने पूछा.
‘‘क्या बात कर रही हो तुम अनामिका…’’ विजय ने कहा, ‘‘सरकार तो इस पैट्रोल के हक में दिखाई देती है. सरकार का कहना है कि पैट्रोल में 20 फीसदी इथेनौल मिलाने से भारत की कच्चे तेल के आयात पर डिपैंडैंसी कम होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, कार्बन उत्सर्जन कम होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी.’’
इस पर मैकेनिक ने कहा, ‘‘ज्यादा तो कह नहीं सकता पर बहुत से ड्राइवर इस पैट्रोल से माइलेज में कमी आने और इंजन में खराबी का दावा कर रहे हैं. मैं ने एक खबर में पढ़ा भी था कि इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी जम कर बहस हो रही है और कई लोग अपनी गाडि़यों में आ रही खराबी का जिक्र कर रहे हैं.
‘‘प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर जल्दबाजी में इथेनौल नीति लागू करने के आरोप लगाए और दावा किया कि उन के पास पैट्रोल पंप पर अपनाई मरजी का ईंधन डलवाने के कम औप्शन हैं. यह दावा भी किया गया कि इथेनौल की वजह से इंजन सर्विस पर खर्च बढ़ गया है.
‘‘मैं ने सर्विस स्टेशन पर काम करने वाले अपनी जानपहचान के कुछ मेकैनिकों से बात की थी. कुछ का कहना था कि उन के सामने इथेनौल से जुड़ी समस्याएं नहीं आई हैं, जबकि कइयों का कहना था कि इथेनौल मिश्रण की वजह से इंजन में दिक्कतों के मामले सामने आए हैं.’’
‘‘किस तरह की दिक्कत?’’ विजय ने पूछा.
‘‘कई पुरानी बाइकों में कार्बोरेटर के भीतर ईंधन के अवशेष (फ्यूल रेजिड्यू) जमा होने के मामले आए हैं, जिन की वजह इथेनौल की ज्यादा मात्रा हो सकती है, जबकि कई कार ग्राहक माइलेज घटने की शिकायत कर रहे हैं.’’
इस पर विजय ने कहा, ‘‘माइलेज में कमी और गाडि़यों के इंजनों में आ रही खराबी के दावों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा है कि ई20 पैट्रोल कार्यक्रम वैज्ञानिक रिसर्च और गाड़ी बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत के बाद ही लागू किया गया है. इतना ही नहीं, सरकार की नीति के बचाव में कई गाड़ी बनाने वाली कंपनियां भी आ गई हैं.’’
‘‘पर गाड़ी बनाने वाली कंपनियों ने यह तो स्वीकार किया है कि इथेनौल मिश्रण की वजह से माइलेज में 3-3.5 फीसदी तक की गिरावट जरूर आई है. एक जारी बयान में पैट्रोलियम मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि कुछ गाडि़यों का माइलेज 3-5 फीसदी तक गिर सकता है.
‘‘सरकार ने यह भी बताया है कि अब देश में पैट्रोल में औसतन 20 फीसदी इथेनौल मिलाया जा रहा है. सरकार ने बताया है कि साल 2013-14 में भारत में पैट्रोल में इथेनौल मिश्रण 1.5 फीसदी से भी कम था, वहीं 2025-26 में यह 20 फीसदी तक पहुंच गया है,’’ अनामिका बोली.
‘‘साहब, अब तो विपक्ष सरकार की ई20 नीति पर खूब सवाल उठा रहा है और आरोप लगा रहा है कि जल्दबाजी में लागू की गई इस नीति से कार मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.
‘‘मैं ने एक खबर में पढ़ा था कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘हरदीप पुरी ने साफसाफ कहा है कि लोगों को कोई औप्शन नहीं दिया जाएगा. लोग पैट्रोल पंप पर शुद्ध पैट्रोल ई10 और ई20 औप्शनों की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारा जो मन होगा हम वह तेल खरीद लेंगे. लेकिन मंत्री कह रहे हैं कि कोई औप्शन नहीं दिया जाएगा.’
‘‘केजरीवाल ने कहा, ‘लोग यह मांग भी कर रहे हैं कि ई20 पैट्रोल सामान्य पैट्रोल से सस्ता मिलना चाहिए, सरकार कह रही है कि कोई सस्ता नहीं दिया जाएगा. लोग कह रहे हैं कि माइलेज कम हो रही है, गाडि़यां खराब हो रही हैं, सरकार कह रही है कि कोई माइलेज कम नहीं हो रहा है.’
‘‘कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने भी इसी विवाद को ले कर सरकार को घेरा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘यह 3.6 करोड़ भारतीयों पर किया गया एक प्रयोग है.’
‘‘उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार खुद कह रही है कि इस नीति के नतीजे अगले कुछ सालों तक सामने आएंगे, तो इतने बड़े पैमाने पर इसे लागू करने से पहले जरूरी वैज्ञानिक प्रमाण, सार्वजनिक सलाहमशवरा और सहमति होनी चाहिए थी,’’ मेकैनिक बोला.
इस पर विजय ने कहा, ‘‘पर इस से पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर किसी एक भी आदमी की गाड़ी इथेनौल की वजह से खराब हुई है तो वह सामने आए. कोई एक कार का नाम बताइए जिस में इथेनौल की वजह से गड़बड़ी आई हो.
‘‘इथेनौल का बचाव करते हुए पैट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि इस के इस्तेमाल में कोई परेशानी नहीं है. रेसिंग कार में भी इथेनौल का इस्तेमाल किया जाता है. इस से एक्सेलेरेशन बढ़ जाता है. हालांकि उन्होंने कहा था कि जहां तक माइलेज का सवाल है, यह थोड़ा गिर सकता है.
‘‘नितिन गडकरी सड़क परिवहन मंत्री हैं, लेकिन इथेनौल को ले कर उन पर टिप्पणियां की जाती रही हैं. वजह, गडकरी का परिवार इथेनौल के प्रोडक्शन से जुड़ा है. हालांकि जब उन से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘इथेनौल नीति से मेरा कोई फायदा नहीं है. इथेनौल के प्रोडक्शन में मेरी हिस्सेदारी सिर्फ 0.07 फीसदी है.’’’
‘‘नितिन गडकरी की तो रहने ही दो. इस बारिश ने उन के बनाए बहुत से हाईवे की पोल खोल दी है,’’ अनामिका ने कहा. ‘‘क्या मतलब है तुम्हारा?’’ विजय ने पूछा.
‘‘मैं ने एक खबर में पढ़ा था कि मध्य प्रदेश के जबलपुर से अमरकंटक, केंवची, कारीआम, रतनपुर होते हुए बिलासपुर और रायपुर (छत्तीसगढ़) को जोड़ने वाले निर्माणाधीन नैशनल हाईवे 45 की क्वालिटी पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है.
‘‘हलकी बारिश के बाद कारीआम से बेलपतजोगीसार मार्ग के बीच कई जगहों पर नई बनी डामर सड़क में लंबीलंबी दरारें उभर आईं. वहीं कई जगह सड़क किनारे बनाए गए साइड सोल्डर में डाली गई मिट्टी और मुरुम बारिश के पानी में बह गई, जिस से सड़क और सोल्डर के बीच चौड़े गैप बन गए. इतना ही नहीं, कुछ पुलियों के पास सड़क धंसने और दरारें पड़ने की खबर भी सामने आई है.
‘‘हाल ही में बने दिल्लीदेहरादून इकोनौमिक कौरिडोर पर लिसाढ़ फ्लाईओवर के पास सड़क पर 2 गहरे गड्ढे बन गए. इस कारण एक बस समेत 4 गाडि़यों को नुकसान हुआ था.
‘‘एक यात्री ने गड्ढों की वजह से नुकसान पहुंची गाड़ी का वीडियो बनाया था. दूसरे यात्री ने वीडियो में कहा कि भाई, अपनी जान अपने भरोसे ले कर चलना, क्योंकि यहां गड्ढे हो चुके हैं और यमराज अपना भैंसा लिए आप का इंतजार कर रहे हैं,’’ अनामिका ने बताया.
‘‘तुम लोग तो बात का बतंगड़ बनाते हो. थोड़ी सी सड़क खराब हुई नहीं कि वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाल दो,’’ विजय ने कहा.
‘‘हां जी, हम तो देशद्रोही हैं न जो सरकार के हर काम में कमियां देखते हैं. बाकी प्रशासन का क्या है, वह तो ‘एक्ट औफ गौड’ कह कर पल्ला झाड़ लेता है,’’ अनामिका बोली. ‘‘अब यह किस ने और क्यों कहा?’’ विजय ने सवाल किया.
‘‘मानसून के कारण हुए भूस्खलन से 6,695 करोड़ रुपए की मुंबईपुणे एक्सप्रैसवे परियोजना का कुछ हिस्सा ठप हो गया था. इस के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने इस का कारण प्रकृति को बताते हुए इसे ‘ईश्वरीय घटना’ (एक्ट औफ गौड) करार दिया था,’’ अनामिका बोली.
‘‘अरे भैया, आप की गाड़ी का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है. अब ज्यादा देरी हो गई है. आप यहां छतरपुर में ही कहीं रात बिता लें, सुबह जल्दी निकल जाना खजुराहो के लिए,’’ मेकैनिक ने कहा.
यह सुन कर विजय ने अनामिका को देखा. फिर मेकैनिक से पूछा, ‘‘आप का कितना हुआ?’’
‘‘2,000 रुपए हो गए हैं,’’ मेकैनिक धीरे से बोला.
इस गाड़ी की खराबी और हुई देरी ने विजय और अनामिका का सारा मूड बिगाड़ दिया. उन का प्लान था कि आज रात को खजुराओ के होटल में अपना सैक्सीमून मनाएंगे, पर पैट्रोल ने उन के सुलगते अरमानों को छतरपुर में खाक कर दिया था.
मेकैनिक का हिसाब कर के उन दोनों ने गाड़ी वहीं खड़ी कर दी और पैदल ही नजदीक के एक होटल में कमरा तलाशने चले गए. यह ट्रिप उन के और उन की गाड़ी के लिए बुरा सौदा रहा.




