Love Story in Hindi. उस दुकान के बारे में बस्ती वाले अजीबोगरीब कहानियां कहते रहते थे. उस दुकानदार का बरताव हर किसी को अटपटा सा ही लगता था. उस के एकदम हीरो जैसे कटे और संवरे हुए बाल आज तक बिखरे या खराब नहीं देखे गए और चेहरा एकदम क्लीन शेव. रंगबिंरगी तितलियों वाली हाफ आस्तीन की कमीज, जिस के ऊपर वाले 2 बटन हमेशा ही खुले रहते.

उस दुकानदार की आंखों में अजीब सी लुकीछिपी हुई कोई मस्ती ठहरी रहती जो आज तक कभी किसी के सामने उभरी नहीं और सब से खतरनाक बात थी उस की आवाज में मदहोश कर देने वाली खनक.

वह इधर कब से था? क्यों था? इस का किसी को अतापता ही नहीं था. दलदल वाली जमीन पर यह बस्ती भी हौलेहौले बसतेबसते बसी. बीसेक साल पहले जब यह दलदली पानी तेजी से सूखने लगा तो इधर कुछ कबाड़ जमा करने वाले, फिर कुछ  बंजारे आ गए. उस के बाद मछली बेचने वाले और फिर ढोल बजाने वाले. उस के बाद घरघर जा कर बाल काटने वालों ने जब अपने ज्यादा ग्राहक यहीं पर देखे तो वे मौका कैसे छोड़ते. वे भी टैंट लगा कर यहां बस गए.

एक दिन बस्ती वालों ने देखा कि नुक्कड़ पर एक छोटी सी रंगबिरंगी दुकान है. पास गए तो उस दुकान में परचूनी का सब सामान पाया गया. मगर वह दुकानदार बस्ती वालों सा नहीं लगता था. उस की न तो दाढ़ी थी और न बेतरतीब कपड़े. उस के उठनेबैठने का तौरतरीका भी काफी अलग सा था, जो बस्ती वालों से मेल नहीं खाता था. लोग उस से सामान खरीदते तो थे, मगर उस को कुछ अजीब सी ही बला मानते थे.

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