Honor Killing: उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार का दावा इतना ज्यादा खोखला होता जा रहा है कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का नारा अपना रंग फीका करता जा रहा है. जब बेटियां ही नहीं बच रही हैं, तो क्या खाक पढ़ेंगी. उन के अपने ही उन की जान के दुश्मन बने हुए हैं.
वैसे तो आगरा में ताजमहल होने से से इसे प्रेम की नगरी भी कहा जाता है, पर अब यहां झूठी शान के नाम पर बेटियों की हत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ऐसे ही एक मामले ने सितंबर के शुरू में लोगों को डर के मारे थर्रा दिया. वहां के थाना एकता क्षेत्र के पचगाई खेड़ा में गुरुवार, 3 सितंबर को एक बार फिर औनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया.
हुआ यों की 17 साल की एक किशोरी की गांव के ही एक लड़के से दोस्ती थी. मंगलवार, 1 सितंबर की शाम को वह बिना बताए घर से चली गई थी और रात के तकरीबन 1 बजे वापस लौटी. इसी दौरान पिता चंद्रवीर को उस की लड़के के साथ दोस्ती होने की जानकारी हो गई.
बताया जा रहा है कि इस के बाद से चंद्रवीर अपनी बेटी से नाराज था. 3 सितंबर को वह किशोरी घर में अकेली थी. उस का भाई लवकुश, जो गुरुग्राम में नौकरी करता है, दोपहर में वहां चला गया था, जबकि मां रजनी किसी काम से घर से बाहर गई थी.
इसी दौरान बेटी को अकेले घर में देख कर पिता चंद्रवीर का पारा चढ़ गया और उस ने अपनी बेटी पर हमला कर दिया. आरोप है कि बांक (गन्ना छीलने का औजार) से पहले उस के सिर पर वार किया और फिर गला काट दिया.
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