Village Story. ‘‘ये हाथ हम को दे दे ठाकुर...’’ ‘‘नहीं... नहीं.’’ ‘खच्च...’ ‘‘आह...’’
टैलीविजन पर चल रही फिल्म ‘शोले’ में डाकू गब्बर सिंह ने ठाकुर बलदेव सिंह के दोनों हाथ तलवार से काट दिए. गांव के लोग मगन हो कर यह फिल्म देख रहे थे. एक तरफ आदमी बैठे थे, तो दूसरी तरफ औरतें.
गांव वाले रात के वक्त अकसर सीडी लगा कर टैलीविजन पर फिल्म देखने का लुत्फ उठाते थे. लेकिन जब से फूलन का बेटा निक्को शहर से रंगीन टैलीविजन लाया है, तब से रात को टैलीविजन पर फिल्म देखना लोगों का एक जरूरी काम बन गया था.
निक्को अपने दरवाजे पर रंगीन टैलीविजन पर ‘शोले’ फिल्म चला रहा था और रोज की तरह आज भी दर्शक काफी तादाद में मौजूद थे.
तभी औरतों के ?ांड से एक लड़की रीमा, जो उस कतार में सब से आगे बैठी थी, अपनी जगह से उठी और साइड में अंधेरे की तरफ बढ़ गई.
रीमा की उम्र तकरीबन 13-14 साल की होगी, पर देखने में वह चंचल लगती थी. वह गांव की सब से हसीन और खूबसूरत लड़की मानी जाती थी. वह थी भी गजब की. गोरा चांद सा दमकता मुखड़ा, सेब जैसे गाल, गुलाब को भी मात देने वाले कोमल सुर्ख लाल होंठ व तने हुए सख्त उभार.
इस के अलावा उस का फैशन भी सब से अलग था. वह गांव की लड़कियों की तरह सलवारकुरता नहीं पहनती थी, बल्कि पैंटशर्ट पहनती थी. वह लड़कों की तरह से बौयकट बाल रखती थी. मिजाज भी उस का मस्त था. लड़कों के अलावा बूढ़े रसिकों की भी लार टपकने लगती थी, जब वह अदा से मटकते हुए चलती थी.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन




