भोजपुरी सिनेमा में ये सुपरस्टार एक्टर मचा रहे हैं धमाल, पढ़ें खबर

भोजपुरी के नामचीन चेहरे के रूप में पहचान बनाने वाले आनंद ओझा अपनी फिल्मों में धमाल मचाते हुए नजर आते हैं. उन्होंने भोजपुरी में अभी तक दर्जन भर से ऊपर की ऐसी फ़िल्में दी हैं. जिसमें दर्शकों ने उनके रोल को काफी सराहा था. आनंद ओझा भोजपुरी के न केवल सुपर स्टार के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहें हैं बल्कि वह अभिनय के साथ ही यूपी पुलिस महकमें में इंस्पेक्टर पद पर भी अपनी सेवा दे रहें हैं. यूपी पुलिस में भी उनकी ईमानदारी के काफी चर्चे हैं.

दर्जन भर फिल्मों में धमाल मचाने के बाद आनंद ओझा अपनी आने वाली दो फिल्मों में एक अलग अंदाज और लुक में दिखने वाले हैं. उन्होंने हाल ही में दो फिल्में साइन की हैं जिसका नाम माहीं और रण है. इसमें से रण भोजपुरी की बड़ी बजट वाली फिल्मों में शामिल है. आनंद ओझा के पीआरओ “आर्यन पांडे ने बताया की वह इस फिल्म में अपने हैरतअंगेज अवतार में अपने चाहने वालों के बीच धमाल मचाने जा रहें है. क्यों की फिल्म की कहानी के अनुसार वह इस फिल्म में बहुत ही खतरनाक लुक में नजर आ रहे हैं.

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आर्यन ने बताया की वह रण में जिस लुक में नजर आ रहें हैं . ऐसा लुक केवल बौलीवुड और हौलीवुड में ही देखने को मिलता है. आनंद ओझा ने इस लुक में आकर भोजपुरी सिनेमा मे खलबली मचा दी हैं. अब यह कहना गलत नहीं होगा कि भोजपुरी सिनेमा इस वक्त अपने स्वर्णिम काल से गुजर रहा है. भोजपुरी के जानकार आनंद ओझा के इस अंदाज की तुलना डब्ल्यू डब्ल्यू ई के जानमाने रेसलर ” रोमन रिंग्स” से कर रहें हैं. भोजपुरी सिनेमा मे किसी कलाकार का इस तरह का लुक कम देखने को मिलता है.

बतातें चलें की आनंद ओझा और काजल रघवानी की फिल्म  “रण” की शूटिंग इन दिनो लखनऊ मे जोर शोर से चल रही है. फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है की यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा की सबसे बड़ी बजट वाली फिल्मों में शुमार है.

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पीआरओ “आर्यन पांडे” ने बातचीत में बताया की अभिनेता आनंद ओझा का यह लुक अब तक के सभी लुको से हट कर है. उन्होंने बताया की भोजपुरी सिनेमा में हीरो के लुक के प्रति लोगों की अजीब छवि बनी हुई है. लोगों को लगता है कि भोजपुरिया हीरो फिल्म में धोती कुर्ता या साधारण भेष भूषा में दिखेगा. लेकिन बदले समय में भोजपुरी के कास्ट्यूम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. आजकल के हीरो किसी भी इंडस्ट्री के हीरों से कमतर नहीं हैं.

इस फिल्म मे अभिनेता आनंद ओझा ना सिर्फ अपने अभिनय के लिए जाने जाएंगे बल्कि अपने अनोखे और दमदार लुक के लिए भी सुर्खियो मे रहेंगे. इसके पहले आनंद ओझा  पुलिसगीरी में भी अपनी दमदार लुक दिखा चुके हैं. इस फिल्म में काजल राघवानी, मनोज सिंह टाइगर, संजय पाण्डेय, सीपी भट्ट ,रितु पाण्डेय, ने भी अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था.

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आनंद ओझा के फिल्म हीरोगीरी का लिंक –

गाने के लिंक –

भोजपुरी सिनेमा में क्या है खास, पढ़ें खबर

निर्माता अनिल काबरा इन दिनों सतीश जैन के निर्देशन में भोजपुरी की सर्वाधिक सफल फिल्म ‘हंस झन पगली फंस जबे’ का रीमेक बना रहे हैं जिस की शूटिंग उन्होंने रायपुर में शुरू की है. पूरे 45 दिन में शूटिंग पूरी करने का इरादा है. फिलहाल फिल्म का नाम तय नहीं है. फिल्म ‘हंस जन पगली फंस जबे’ ने 15 करोड़ रुपए से ऊपर की कमाई की थी जो उस वक्त सब से ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी.

अनिल काबरा कहते हैं, ‘‘हम भले ही एक सफल फिल्म का रीमेक बना रहे हैं, लेकिन इस की मेकिंग बेहद उच्च तकनीक और कौंसैप्ट से की जा रही है. हमारी कोशिश है कि हम एक ऐसी फिल्म दर्शकों को दें जिसे देखने के बाद वे फिल्म देखने के लिए और लोगों को प्रेरित कर सकें. वहीं दूसरों को बताएं कि भोजपुरी सिनेमा किसी से कम नहीं है. फिल्म की कहानी पर हम ने काफी काम किया है.’’

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क्या इस बार इतिहास दोहराएगी यह फिल्म

2004 में प्रदर्शित अजय सिन्हा निर्देशित फिल्म ‘ससुरा बड़ा पईसा वाला’ ने भोजपुरी सिनेमा में नए इतिहास का सूत्रपात किया था. वर्तमान सांसद, गायक व अभिनेता मनोज तिवारी के साथ रानी चटर्जी ने इस फिल्म में अभिनय किया था. महज 80 लाख रूपए में निर्मित इस फिल्म ने तहलका मचाते हुए 9 करोड़ रुपए की कमाई की थी. इस फिल्म ने भोजपुरी सिनेमा की दशा व दिशा ही बदल दी थी. उस के बाद भोजपुरी सिनेमा में ऐसी लहर दौड़ी कि सैकड़ों फिल्में बन गईं.

यह अलग बात है कि पिछले 4-5 वर्ष से भोजपुरी सिनेमा एक बार फिर दुर्गति की ओर बढ़ रहा है. ऐसे ही दौर में अजय सिन्हा एक बार फिर अपनी 15 वर्ष पुरानी इसी फिल्म का सीक्वल ‘ससुरा बड़ा पईसा वाला 2’ ले कर आ रहे हैं. इस बार इस फिल्म में अथर्व  सिंह के साथ नेहा प्रकाश की जोड़ी है. इन दोनों की कैमिस्ट्री को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है.

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‘ससुरा बड़ा पईसा वाला 2‘ के टीजर की शुरुआत रोमांटिक गाने से होती है जो तकरार में बदल जाती है और फिर पारिवारिक रिश्तों के मायाजाल में बंदूक से निकली एक गोली के साथ खत्म होती है. यानी कि इस फिल्म में मनोरंजन का हर पहलू दर्शकों को देखने को मिलेगा.

साईं इंटरटैनमैंट प्रस्तुत ‘ससुरा बड़ा पईसा वाला 2’ में अथर्व सिंह और नेहा प्रकाश के साथ संतोष श्रीवास्तव, शिवम सिंह, दिवाकर श्रीवास्तव व प्रशांत रागिनी आदि प्रमुख भूमिकाओं में हैं.

गायक से अभिनेता बनने की राह पर…

prateek mishra

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में गायक से अभिनेता बनने की पुरानी परंपरा रही है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लोकप्रिय भोजपुरी गायक प्रतीक मिश्रा भी अब अभिनेता के तौर पर सिनेमा के रुपहले परदे पर धमाल मचाने वाले हैं. वे भोजपुरी फिल्म ‘आशिक बनाया आप ने’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर रहे हैं जिस में उन की नायिका हैं फेयर लवली गर्ल ऋतु सिंह. फिल्म की शूटिंग जल्द ही मनोरम व रमणीय स्थलों पर की जाएगी. बौलीवुड अभिनेता राज प्रेमी इस फिल्म में बतौर खलनायक कहर ढाने वाले हैं. फिल्म के मुख्य कलाकार प्रतीक मिश्रा, ऋतु सिंह, राज प्रेमी, देव सिंह, गुड्डू सिंह आदि हैं.

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खेसारी लाल ने अपनी फिल्म ‘बागी’ की कमाई बाढ़ पीड़ितों में की दान

ऐसे में तमाम लोग बिहार के बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए आगे आ रहें हैं. इनमें एक नाम और जुड़ गया है, यह नाम है भोजपुरी के सुपरस्टार गायक और अभिनेता खेसारी लाल का. इन्होने पटना के बाढ़ पीड़ितों के लिए 9 गाड़ी राहत सामग्री और पांच हजार लीटर दूध व और 20 हजार लीटर साफ़ पानी अपने खेसारी फाउंडेशन के जरिये वितरण के लिए भेजी है. इनके द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए मुहैया कराये गए राहत सामग्री के वितरण की जिम्मेदारी गीतकार पवन पाण्डेय नें 500 बच्चों के साथ संभाली है.

खेसारी लाल ने पटना बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए इस मसले पर अपने फेसबुक पेज पर 16 मिनट 36 सेकेण्ड लाइव आकर लोगों से पटना बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए आगे आने की अपील की है. उन्होंने अपने लाइव में कहा की जिस तरह भोजपुरी बेल्ट की 30 करोड़ की जनता ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है. ऐसे में उनकी भी जिम्मेदारी बनती है की वह अपने प्रसंसको के मुसीबत में काम आयें.

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उन्होंने अपने फेसबुक लाइव में कहा की “जिस तरह भोजपुरी अभिनेता अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए फेसबुक पर औनलाइन आकर लोगों से फिल्मों को देखने की अपील करते हैं, उसी तरह से सभी लोग बाढ़ में फंसे लोगों के लिए लाइव आकर खुद द्वारा किये जा रहें मदद की बात सामने रखें. साथ ही लोगों से भी मदद के लिए आगे आने की अपील करें.”

उन्होंने अपने लाइव मे कहा की “मै गरीबी से आया हूं. इस लिए मैं लोगों की मदद करता हूं. मुझे लोगों का दर्द पता है. मेरा फेसबुक पर लाइव आने का उद्देश्य सिर्फ यह है लोग भी देख कर मदद के लिए आगे आएं.”

पटना बाढ़ पीड़ितों के मदद में आगे आये खेसारी ने अपने फेसबुक लाइव में बताया की उन्होंने भैंस चरा कर और लिट्टी बेंच कर अपना बचपन गुजारा है. उन्होंने कहा की आज अभिनय के जिस मुकाम पर वह हैं वहां  पहुंचाने में बिहार की जनता का बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने भोजपुरी के सभी अभिनेताओं से भी अपील किया की अपने फैन्स के जरिये बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुचाएं.

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फेसबुक लाइव लिंक-

बागी फिल्म ट्रेलर लिंक-

पारिवारिक संबंधों के तानेबाने में बुनी भोजपुरी फिल्म ‘विवाह’ का ट्रेलर लौंच

भोजपुरी सिनेमा इन दिनों बड़े बदलाव के दौर में है. हाल के दिनों में जितनीं भी फिल्में बनी हैं वह बेहद साफ-सुथरी रहीं हैं. इस कड़ी में एक और फिल्म जुड़ गई है जिसका नाम है विवाह. जो पूरी तरह से पारिवारिक संबंधों के तानेबाने में बुनी गई है. इस फिल्म का  ट्रेलर 1 अक्बटूर की सुबह लांच किया गया. फिल्म के ट्रेलर लांच होने के कुछ देर बाद ही करीब पचास हजार व्यूअर हो गए.

इस फिल्म में सुपर स्टार प्रदीप पाण्डेय चिंटू, संचिता बनर्जी, काजल राघवनी, आकांक्षा अवस्‍थी, अवधेश मिश्रा, संजय महानंद, ऋतु सिंह, किरण यादव मुख्‍य भूमिका में हैं. साथ ही फिल्म में पाखी हेगड़े भी गेस्ट के रूप में नजर आयेंगी. विवाह भोजपुरी में बनी पारिवारिक फिल्मों में अब तक की सबसे अच्छी फिल्मों में गिनी जा सकती है इस फिल्म में फैमली ड्रामा, प्यार, रोमांस, एक्शन, कामेडी, इमोशंस का जबरदस्त तड़का देखने को मिलेगा.

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विवाह फिल्म के ट्रेलर में प्रदीप पाण्डेय चिंटू की शादी दूसरी लड़की (संचिता बनर्जी ) से होते हुए दिखाया गया है. जब की फिल्म में रोमांस का सीन काजल राघवनी के साथ है. ट्रेलर को देख कर भोजपुरी बेल्ट के दर्शकों में उत्साह देखते बन रहा है. क्यों की फिल्म का ट्रेलर ही दर्शकों को फिल्म के रिलीज होने तक फिल्म देखने के लिए बेसब्र करने वाला है.

इस फिल्म में भोजपुरी फिल्मों के निगेटिव अभिनेता अवधेश मिश्रा को बेहद सरल और सुलझे हुए पाजिटिव रोल में देखने को मिलेगा. विवाह फिल्म के ट्रेलर लांच होने के साथ ही इसके रिलीज होने की तैयारियां शुरू कर दी गई है जिस की तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी.

यह फिल्म महिलाओं को भी खूब पसंद आएगी. क्यों की फिल्म में विवाह के दौरान नोक-झोक, चुहलबाजी, छेड़-छाड़ और विवाह से जुड़े लोकगीतों का भी जबरदस्त तड़का लगाया गया है. भोजपुरी में काफी अरसे बाद ऐसी फिल्म आ रही है जिसमें दो परिवारों के बीच उपजी गलतफहमियों और उससे उपजे हालात के बीच पिसते अभिनेता प्रदीप पाण्डेय चिंटू व संचिता बनर्जी बीच प्‍यारी सी लव स्‍टोरी को दिखाया गया है.

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फिल्म के निर्देशक मंजुल ठाकुर है जिनको इस फिल्म से बड़ी उम्मीदें है. उनका कहना है की इस फिल्म की कहानी को देखते हुए इसके लोकेशन, बैकग्राउंड और तकनीकी पक्षपर काफी मेहनत की गई है जो जल्द ही दर्शकों के समक्ष होगी।

यशी फिल्म और अभय सिन्हा की प्रस्तुति और वर्लडवाइड फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता प्रदीप सिंह, निशांत उज्जवल और प्रतिक सिंह हैं. फिल्‍म का संगीत दिया है छोटे बाबा और मधुकर आनंद ने. जबकि एक्‍शन श्री श्रेष्‍ठ, डीओपी सिद्धार्थ सिंह का है.

इस फिल्म के गीतकार राजेश मिश्रा, सुमित सिंह चंद्रवंशी, संतोष पुरी व अरविंद तिवारी हैं. फिल्म कहानी लिखी है प्रदीप सिंह ने और पटकथा अरविंद तिवारी  नीरज – रणधीर की है.

फिल्म का ट्रेलर लिंक- 

मालदीव में छुट्टियां मना रही हैं ये भोजपुरी एक्ट्रेसेस, फोटोज वायरल

भोजपुरी एक्टर्स और भोजपुरी फिल्में आजकल लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने की पुरी कोशिश कर रहे हैं और वहीं वे इसमें काफी हद तक कामयाब भी हो रहे हैं. इस कामयाबी में सबसे बड़ा हाथ भोजपुरी फिल्मों के एक्टर्स और एक्ट्रेसेस का है जो इतनी मेहनत कर दर्शकों को एंटरटेन करने में सफल हो रहे हैं. इन्ही भोजपुरी एक्ट्रेसेस में से दो खासा पौपुलर नाम हैं रानी चटर्जी और अंजना सिंह का. खबरों की मोने तो ये दोनो एक्ट्रेसेस इन दिनों मालदीव में वकेशन मना रही हैं.

सोशल मीडिया द्वारा शेयर की फोटोज…

 

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असल जिंदगी में रानी चटर्जी और अंजना सिंह काफी अच्छी दोस्त हैं और फिल्हाल वे दोनों अपने काम से छुट्टी ले कर मालदीव की वादियों में चिल कर रही हैं. ये दोनो भोजपुरी एक्ट्रेसेस अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर काफी एक्टिव रहती हैं और फैंस को अपने से जुड़ी ताजा अप्डेट्स देती रहती हैं. हाल ही में दोनो एक्ट्रेसेस ने अपने औफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से अपनी कुछ फोटोज साथ में शेयर की थी जिसमें वे मालदीव में एंजौय करती नजर आ रही हैं.

हौली-डे टाइम सहेली के साथ…

 

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#holiday #time सहेली के साथ

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रानी चटर्जी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक फोटो शेयर की जिसमें उनके साथ अंजना सिंह खड़ी हैं और दोनो ने पिंक कलर की हैट पहनी हुई है. देखा जाए तो ये फोटो एक शिप की है जिसमें सवार दोनों एक्ट्रेसेस काफी खुश दिख रही हैं. साथ ही में रानी ने इस फोटो के कैप्शन में लिखा, ‘हौली-डे टाइम सहेली के साथ’. फोटोज को देखें तो दोनो सहेलियां साथ में कभी शिप में, कभी बीच पर, तो कभी एक दूसरे के साथ कौफी पीते हुए काफी एंजौय कर रही हैं.

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❤️❤️❤️❤️❤️❤️

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बता दें, रानी चटर्जी और अंजना सिंह भोजपुरी सिनेमा की बहतरीन एक्ट्रेसेस हैं और दोनों ने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. रानी चटर्जी ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत 2004 में आई सुपरहिट भोजपुती फिल्म ‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ से की थी तो वहीं सहेली अंजना सिंह ने 2012 की फिल्म ‘एक और फौलाद’ से की थी. इस समय दोनों एक्ट्रेसेस कामयाबी के शिखर पर हैं और अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ खुल के एंजौय कर रही हैं.

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पीएम की लाइफ पर भोजपुरी फिल्म बनायेंगे सुपर स्टार रवि किशन

भोजपुरी फिल्म के सुपरस्टार और वर्तमान में गोरखपुर के सांसद रवि किशन जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री के रोल में नजर आयेंगे. इसके लिए वह खुद ही फिल्म बनाने की तैयारी में है. उन्होंने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर पटना में भाजपा कार्यालय में पहुंच कर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा की वह देश की अलग-अलग भाषाओं में 600 के करीब फिल्मों में काम कर चुके है. लेकिन आने वाले दिनों में वह जिन महापुरुषों में से प्रेरित है उनके जीवन पर फिल्में बनाने वाले है. वह प्रधानमन्त्री मोदी व स्वामी विवेकानंद पर फिल्म बनाने पर विचार कर रहें हैं. जिसमें वह खुद ही प्रधानमंत्री रोल करने वाले हैं.

उन्होंने कहा कि बिहार का उनके ऊपर बड़ा कर्ज है जिसे वह चुका नहीं पायेंगे. क्योंकि उनकी जो भी पहचान है उसमें बिहार के दर्शकों और उनके प्रशंसकों का बड़ा योगदान है. मल्टीप्लैक्स में भोजपुरी फिल्मों के प्रदर्शन न हो पाने के एक सवाल पर उन्होंने कहा की सिनेमाघरों में भोजपुरी फिल्मों का प्रदर्शन कम हो रहा है. इसके लिये उन्होंनें राज्य सरकार से मल्टीप्लैक्स में भी भोजपुरी के एक शो दिखाए जाने की मांग की है. जिससे भोजपुरी फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा और भोजपुरी के दर्शक भी मल्टीप्लेक्स में भोजपुरी फिल्मों को देखने का मजा ले सकेंगे.

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इस दौरान बिहार सरकार द्वारा भोजपुरी फिल्मों को बढ़ावा दिए जाने के नजरिये से शुरू किये गए राज्य सरकार के 25 लाख रूपये के अनुदान की भी सराहना की. उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अवार्ड दिए जाने की शुरुआत किये जाने को लेकर कहा की इससे भोजपुरी कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है की वह सांसद बनने के फिल्मों से एकदम से दूरी नहीं बनायेंगे बल्कि वह अब चुनिंदा विषयों पर काम करेंगे. साथ वह भोजपुरी के के विकास के लिए सरकार के लेवल पर भी हर संभव प्रयास करेंगे. इसके पहले भी रवि किशन ने भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किये जाने को लेकर लोकसभा में आवाज उठाई थी. रवि किशन भोजपुरी के एकमात्र ऐसे कलाकार है जिन्होंने भोजपुरी सहित हिंदी, व दक्षिण की कई भाषाओं की फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है.

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एडिट बाय- निशा राय

भोजपुरी आदाकारा मोनालिसा ने डांस से बरपाया कहर

भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर आदाकारा मोनालिसा के डांस के दर्शक कायल हो गए हैं. फिर से मोनालिसा सोशल मीडिया पर धमाल मचाने आ गई हैं. इन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक पंजाबी सौन्ग पर गजब का डांस कर रही हैं.

 

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मोनालिसा  का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो कहर ढा रही हैं. इस वीडियो में वो येलो कलर की फ्राक में नजर आ रही हैं और काफी खूबसूरत भी दिख रही है.

 

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आपको बता दें, मोनालिसा भोजपुरी फिल्में और टीवी सीरियल्स करने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं. वो आए दिन अपने इवेंट्स के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहती हैं. फिलहाल ये स्टार प्सस के पौपुलर शो ‘नजर’ में दिखाई दे रही हैं. मोनालिसा इस सीरियल में मोहना के रोल में हैं.

भोजपुरी फिल्मों में परिवार होता है

परिवार समाज की बुनियाद माना जाता है और भारत में इस की अहमियत दूसरे देशों के बजाय ज्यादा है. इसलिए यह और भी अहम हो जाता है कि फिल्में इस पर रोशनी डालें और भोजपुरी फिल्मों का इस मामले में कोई सानी नहीं है.

कुछ फिल्में जैसे ‘नदिया के पार’, ‘गंगा’, ‘गंगा किनारे मोरा गांव’, ‘हमार बेटवा’, ‘आंगन की लक्ष्मी’, ‘ससुरा बड़ा पईसा वाला’, ‘तुलसी’, ‘गंगापुत्र’, ‘गंगा देवी’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘जीजाजी की जय हो’, ‘जींस वाली भौजी’, ‘भैयादूज’, जैसी फिल्में पारिवारिक मसाले को ध्यान में रख कर ही बनाई गई हैं.

इस तरह की फिल्में बना कर भोजपुरी सिनेमा ने भारतीय समाज में अलग छाप छोड़ी है, क्योंकि फिल्में न केवल परिवार को एकजुट रखने का आईना दिखाती हैं, बल्कि परिवार के हर सदस्य को अपनी जिम्मेदारी का अहसास भी कराती हैं. इसलिए भोजपुरी फिल्मों की पारिवारिक तानेबाने में बहुत बड़ी जगह है.

फिल्म ‘नदिया के पार’ देख कर आप को लगेगा कि हम अपने घरपरिवार या फिर समाज की कोई कहानी सुन रहे हैं. इस फिल्म में एक किसान अपने

2 भतीजों के साथ उत्तर प्रदेश के एक गांव में रहता है. किसान के बीमार होने के बाद उस का इलाज वैद्य द्वारा किया जाता है और जब ठीक होने पर किसान इलाज की कीमत चुकाने के संबंध में वैद्य से बात करता है तो वह वैद्य अपनी बड़ी बेटी रूपा के लिए किसान के बड़े भतीजे ओमकार का हाथ मांगता है, जिस के लिए वह राजी भी हो जाता है क्योंकि दोनों का घरपरिवार अच्छा है.

राजीखुशी दोनों की शादी हो जाती है. जब रूपा पेट से होती है तो उस की छोटी बहन गुंजा कुछ दिनों के लिए उस के घर आती है जहां वह ओमकार के छोटे भाई चंदन के प्यार में पड़ जाती है.

इस बारे में जब रूपा की बहन को पता चलता है तो वह दोनों की शादी करवाने का वादा करती है लेकिन एक हादसे में रूपा की मौत होने के चलते उन दोनों के प्यार के बारे में किसी को पता नहीं चल पाता है.

इस बीच पारिवारिक हालात के चलते दोनों को अपने प्यार को कुरबान करने की नौबत आ जाती है और वे इस के लिए राजी भी हो जाते हैं लेकिन जब घर वालों को इस बारे में पता चलता है तो वे उन दोनों की शादी करवाते हैं.

यानी इस फिल्म में परिवार और रिश्तों की अहमियत को दिखाते हुए परिवार की एकजुटता पर फोकस किया गया है.

वहीं फिल्म ‘ससुरा बड़ा पईसा वाला’ में हम कह सकते हैं कि बहुत कम फिल्में ऐसी होती हैं जिन में ससुर और दामाद के रिश्तों पर कहानी की बुनियाद टिकी होती है लेकिन हीरो मनोज तिवारी की इस फिल्म में भले ही कौमेडी का तड़का लगाया गया है लेकिन ससुरदामाद के रिश्तों के बीच की तल्खी और भावनात्मक लड़ाई को भी बखूबी दिखाया गया है. इस तरह से इस में 2 परिवारों की कहानी को सिलसिलेवार तरीके से जोड़ा गया है.

ऐसी ही एक फिल्म ‘गंगा’ आई थी जिस में पारिवारिक रिश्तों के साथ ही सामाजिक बंधनों के बीच के टकराव को बखूबी दिखाया गया. वहीं फिल्म ‘गंगापुत्र’ में मांबेटे के रिश्ते को केंद्र में रखा गया.

आप को बता दें कि फिल्म ‘जीजाजी की जय हो’ में भी साली और जीजा के मजाक को बहुत ही चुटीले और मजेदार ढंग से दिखाया गया. इस से इस रिश्ते की अहमियत पता चलती है. फिल्म ‘जींस वाली भौजी’ में घर में भाभी के किरदार को अहमियत दी गई.

फिल्म ‘भैयादूज’ में भी भाईबहन के रिश्तों की मिठास को रुपहले परदे पर घोला गया.

कुलमिला कर हम कह सकते हैं कि जिस तरह से बौलीवुड फिल्में हीरोहीरोइन के इर्दगिर्द ही घूमती हैं वहीं भोजपुरी फिल्मों में जितनी अहमियत हीरोहीरोइन को दी जाती है उतनी ही दूसरे रिश्तों को भी मिलती है, जो हमें भोजपुरी फिल्में देखने पर मजबूर करता है.

एक जनवरी से भोजपुरी फिल्में और संगीत हो जाएगा “अश्लीलता मुक्त”

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के भीतर अश्लीलता के खिलाफ क्रांति का बिगुल बज गया है. 5 लाख सदस्यों वाली ‘फेडरेशन औफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज’ ने ऐलान किया है कि भोजपुरी फिल्मों में अब अश्लीलता नहीं बर्दाश्त की जाएगी. ऐसी फिल्मों का बनना सामाजिक अपराध है. इसलिए कोई उनके निर्माण या प्रदर्शन में संलग्न न हो, जो लोग ऐसा नही करेंगे, उनकी सदस्यता रद्द की जाएगी. फेडरेशन ने इस बात का भी ऐलान किया है कि मुंबई, इलाहाबाद, पटना और रांची हाई कोर्ट में ‘‘पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान’’ द्वारा भोजपुरी मनोरंजन उद्योग में फैली अश्लीलता के खिलाफ दायर की जा रही याचिका में फेडरेशन भी सह याचिकाकर्ता बनेगा.

‘‘पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान’’ और ‘‘फेडरेनशन औफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाईज’’ने यह घोषणा मुंबई में ‘सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन’ के दफ्तर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में की. दोनों संगठनों ने ऐलान किया कि पहली जनवरी 2019 के बाद प्रदर्शित होने वाली हर भोजपुरी फिल्म की पूर्वांचल समाज और संस्कृति को जानने वाले किसी विद्वान व्यक्ति से समीक्षा करायी जाएगी और पूर्वांचल के समाज के मानदंडों के हिसाब से यदि कुछ गलत पाया गया, तो सेंसर बोर्ड के सामने यह सवाल प्रखरता से खड़ा किया जाएगा कि उसने इस फिल्म को कैसे पास किया?

इस अवसर पर फेडरेशन के अध्यक्ष बी एन तिवारी, महासचिव अशोक दुबे, कोषाध्यक्ष संजू श्रीवास्तव, प्रोड्यूसर एसोसिएशन के सदस्य शरद देराज शेलार और पूर्वाचल विकास प्रतिष्ठान की ओर से पूर्व मंत्री चंद्रकात त्रिपाठी, अश्लीलता विरोधी अभियान की ब्रांड अम्बेसेडर पद्मश्री डा शोमा घोष, ‘पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान’ के सचिव ओमप्रकाश सिंह, मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने जा रहे एडवोकेट विजय सिंह और गायक अविनाश तिवारी ने भोजपुरी फिल्मों, भोजपुरी के संगीत अलबमों व भोजपुरी गीतों से एक माह के अंदर अश्लीलता को जड़ से समाप्त करने की बात की.

इन सभी का मानना है कि भोजपुरी मनोरंजन उद्योग में अश्लीलता इन दिनों चरम पर है. यह स्त्रियों की अस्मिता पर हमला है. इससे बच्चों, किशोरी, तरूणों का भविष्य बिगड़ रहा है. समाज की छवि बिगड़ रही है. भाषा, साहित्य, संस्कृति और समाज आदि की अवमानना हो रही है.

इन परिस्थितियों को रेखांकित करते हुए बी एन तिवारी ने कहा -‘‘बंद यानी बंद. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अश्लीलता अब नहीं चलेगी. यदि सेंसर बोर्ड ने भी नियमों का पालन नहीं किया, तो हम उसके खिलाफ मुखर विरोध के लिए तैयार हैं. अब तक भोजपुरी फिल्मों में जो अश्लीलता परोसी जा रही है, इसके लिए सेंसर बोर्ड ही जिम्मेदार है. सेंसर बोर्ड अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहा है. यदि सेंसर बोर्ड सही ढंग से काम कर रहा होता, तो एक भी भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता परोसकर औरतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ नजर न आता. अश्लीलता के खिलाफ हमारी लड़ाई यहीं नहीं रूकेगी. पहले भोजपुरी की यह लडाई जीत ली जाए, इसके बाद हिंदी सिनेमा में भी अश्लीलता का विरोध किया जाएगा. सबसे पहले जहां ज्यादा बुराई है, उसे खत्म कर लिया जाए.’’

पद्मश्री डा शोमा घोष ने कहा – ‘‘पूर्वांचल की भोजपुरी बहुत मीठी बोली है. भोजपुरी बहुत संपन्न संस्कृति की बहुत विस्तृत फलक की है. चंद तिजारती लोग इसे बिगाड़ रहे हैं. हमारी यह लड़ाई तो मां के दूध की मिठास बचाने की लड़ाई है. समाज के होने और जीने की लड़ाई है. समाज ने अब तक संगठित विरोध नहीं किया था. इसलिए यह बुराई फैलती चली गयी.’’

पूव मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने भी अश्लीलता के खिलाफ बिगुल बजाने की बात पर जोर देते हुए कहा – ‘‘हम सभी इस लड़ाई को एक तार्किक अंजाम तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’

‘‘फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया इम्प्लौइज एसोसिएशन’’ संस्था से जुड़े अन्य लोगों ने भी यही प्रतिबद्धता जताते हुए कहा – ‘‘फेडरेशन अश्लीलता के खिलाफ अपनी इस प्रतिबद्धता को सभी सदस्यों को सूचित कर रही है. फिल्म निर्माताओं के दूसरे संगठनों से भी इस बारे में बात हो रही है. हमें विष्वास है कि इस लड़ाई में सभी साथ खडे़ होंगे. सबकी इस बारे में एक व्यापक सहमति बनेगी. सेंंसर बोर्ड को भी इस बारे में फेडरेशन की इस प्रतिबद्धता की जानकारी दी जा रही है. इस बाबत फेडरेशन के सलाहकार जाने माने निर्देशक अशोक पंडित से भी बात हो रही है.

‘‘पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान’’ के सचिव ओमप्रकाश सिंह ने मुंबई, इलाहाबाद व अन्य हाईकोर्ट में फाइल की जा रही याचिका का विवरण देते हुए कहा – ‘‘धारा 29 में दिए गए जीने के हक के मौलिक अधिकार को विचार का मुख्य बिंदु बनाया जा रहा है. इस मामले में यह याचिका एक अनोखी याचिका बनेगी. सवाल यह भी है कि भाषा को, साहित्य को, संस्कृति को, लोक कलाओं को मर्यादाओं को मूल्यों को मानकों को भी जीने का सम्मान से जीने का कोई हक है या नही? यही याचिका उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के राज्य मानवाधिकार आयोग में भी दाखिल की जा रही है. निर्माताओं, निर्देशकों, प्रदर्शकों, वितरकों, कलाकारों आदि को मिलाकर कुल 600 लोगों को हमने व्यक्तिगत चिट्ठी भेज कर आग्रह किया है कि वह भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता का कारण ना बनें.’’

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