Crime Story: गोवा के बाद मुंबई दूसरा ऐसा शहर है, जहां के लोग नए साल का जश्न पूरे जोरशोर और जोश से मनाते हैं. इस के लिए कई दिन पहले से प्लान भी बनने लगते हैं कि इस बार 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच की रात को क्याक्या करना है. अगर घर पर ही पार्टी देनी है, तो किसकिस को बुलाना है, खाने में क्याक्या आइटम रखना है, डांस और म्यूजिक का क्या इंतजाम करना है और इन सब से भी ज्यादा अहम बात यह कि मेहमानों का स्वागत कैसे करना है और उन्हें तोहफे में क्या देना है.
मुंबई के सांताक्रूज (पूर्व) इलाके में रहने वाली 25 साला कंचन देवी महतो ने भी नए साल के स्वागत का प्लान बना रखा था. एक आटोरिकशा ड्राइवर की पत्नी और 2 बच्चों की मां कंचन देवी ने अपने 44 साला आशिक और रिश्तेदार जोगिंदर लखन महतो को मिठाई खाने के लिए अपने घर आने का न्योता दिया था, जिसे स्वीकार न करने की कोई वजह जोगिंदर जैसे आशिक के पास नहीं होती. पेशे से कैब ड्राइवर जोगिंदर भी सांताक्रूज (पूर्व) में ही रहता था. कंचन देवी का न्यू ईयर प्लान कितना खतरनाक था, इस से पहले यह जान लें कि उस की और जोगिंदर की आशिकी तकरीबन 7 साल पुरानी थी. जब भी मौका मिलता था, वे दोनों एकदूसरे से मिल कर अपने तन और मन की प्यास बु?ा लिया करते थे, क्योंकि शादीशुदा और बालबच्चेदार होने के चलते दोनों को एहतियात बरतनी पड़ती थी.
हालांकि, नजदीकी रिश्तेदार होने से उन्हें दूसरे माशूक और आशिक की तरह चोरीछिपे नहीं मिलना पड़ता था, लेकिन जिस मकसद से वे मिलते थे, उस में सावधानी जरूर रखनी पड़ती थी. पिछले कुछ दिनों से वही हो रहा था, जो ऐसे नाजायज रिश्तों में अकसर अपराध की वजह बनता है. कंचन देवी जोगिंदर के पीछे हाथ धो कर पड़ गई थी कि अब तुम बिन रहा और सहा नहीं जाता… तुम अपनी पत्नी को छोड़ कर मु?ा से शादी कर लो… मैं भी तो सबकुछ छोड़ने के लिए तैयार हूं. इस मांग और जिद से जोगिंदर इस कदर घबराया था कि नवंबर, 2025 में मुंबई छोड़ कर अपने घर बिहार वापस चला गया था. लेकिन कंचन देवी अब भी जिद पर अड़ी थी और हर कभी फोन कर उस पर शादी करने का दबाव बनाती रहती थी.
नए साल पर कंचन देवी ने जोगिंदर लखन को बुलाया तो वह मना नहीं कर पाया. ऐसे नाजायज संबंधों की एकलौती खूबी यह होती है कि हमबिस्तरी का लुत्फ चोरी के आम सरीखा आता है और इन्हें छोड़ पाना आसान नहीं रह जाता.
जब जोगिंदर लखन कंचन देवी के घर पहुंचा जो दोनों बच्चों को सुला कर तमाम तैयारियों के साथ वह उस का ही इंतजार कर रही थी. दोनों ने पहले जीभर कर 2 महीने की अपनी प्यास बु?ाई, फिर कंचन मिठाई ले कर आ गई. कर दिया बड़ा कांड रात के तकरीबन डेढ़ बजे कंचन देवी और जोगिंदर बिना कपड़ों के थे. कंचन देवी के भरेपूरे जिस्म और सैक्स हरकतों की गिरफ्त में आया जोगिंदर उस वक्त कसमसा उठा, जब कंचन देवी ने एकाएक ही बिना उसे संभलने का मौका दिए चाकू से उस का प्राइवेट पार्ट काट डाला.
यह था नए साल का महबूबा का तोहफा जिसे जोगिंदर तो जोगिंदर, इस घटना को पढ़ने और इस के बारे में सुनने वाले लोग तय है कि जिंदगीभर नहीं भुला पाएंगे. लहूलुहान और तड़पता जोगिंदर लखन गिरतापड़ता जैसेतैसे घर पहुंचा, तो उस का बेटा उसे ले कर तुरंत वीएन देसाई अस्पताल पहुंचा और इलाज शुरू करवाया. यहां से मरहमपट्टी कर डाक्टरों ने उसे सायन अस्पताल रैफर कर दिया, जहां उस के प्राइवेट पार्ट को दोबारा जोड़ने के लिए 2 आपरेशन हुए.
नए साल के इस पहले और अनूठे जुर्म की खबर मिलते ही तुरंत हरकत में आई वाकोला पुलिस कंचन देवी के घर पहुंची, तो पाया कि वह बच्चों समेत पहले ही फरार हो चुकी थी. पर जल्द ही कुर्ला रेलवे स्टेशन से वह गिरफ्तार भी कर ली गई. पुलिस ने बीएनएस यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (2) के तहत मामला दर्ज कर के कंचन देवी को जेल भेज दिया. आरोप साबित होने पर उसे 10 साल की सजा हो सकती है. लेकिन जोगिंदर को जो सजा मिली, उसे वह जिंदगीभर नहीं भूल पाएगा. भूल तो आगरा का योगेश भी नहीं पाएगा कि उस का भी प्राइवेट पार्ट कटा था. लेकिन काटने वाली पत्नी या माशूका नहीं, बल्कि उस की सगी भाभी थी.
उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के मलखानपुर के बाशिंदे राम आसरे के 5 बेटों में से दूसरे नंबर के बेटे उदय कुमार की शादी मंजू से हुई थी. जैसा कि ऐसी करीबी रिश्तेदारी में अकसर होता है, मंजू के देवर उमेश का टांका अपनी भाभी की छोटी बहन अंजू (बदला हुआ नाम) से भिड़ गया यानी अफेयर हो गया. दोनों एकदूसरे से बेइंतिहा प्यार करने लगे और शादी करने के कसमेवादे भी हो गए. दोनों के घर वालों ने भी इस बाबत बातचीत करना शुरू कर दिया था. भाभी ने लिया बदला बात यहां तक किसी के एतराज या हर्ज की नहीं थी. मंजू खुद भी चाहती थी कि अंजू उस की देवरानी बन कर इस घर में आ जाए, जिस से मांबाप के सिर से एक लड़की की जिम्मेदारी और उतरे. सबकुछ तकरीबन पक्का था कि एक दिन उमेश ने अंजू से शादी करने से इनकार कर दिया. इस से मंजू को हैरानी हुई, लेकिन सबकुछ उस के बस में नहीं था. उस ने उमेश को सम?ाने की बहुत कोशिश की, पर वह टस से मस न हुआ.
इस इनकार से अंजू डिप्रैशन में चली गई और जान देने की बात करने लगी. अपनी बहन को इस हालत में देख कर मंजू को गुस्सा आना लाजिमी था, क्योंकि उस की बहन अंजू मन ही मन उमेश को पति मान बैठी थी और शादी से पहले अपना सबकुछ उमेश को सौंप चुकी थी. चूंकि देवर और बहन के अफेयर को परवान चढ़ने देने में मंजू का रोल अहम था, इसलिए वह इस धोखे से बदले की आग में जलने लगी और जब यह अगन बरदाश्त नहीं हुई, तो उस ने उमेश को उस की बहन से बेवफाई करने पर सबक सिखाने का फैसला कर लिया. 16 अक्तूबर, 2025 की रात जब घर में सभी सो रहे थे, तब मंजू चुपके से उठी, हाथ में चाकू लिया और उमेश के नजदीक जा कर उस का प्राइवेट पार्ट काट डाला. मंजू ने उमेश के प्राइवेट पार्ट पर 1-2 नहीं, बल्कि 4 वार किए, जिस से वह चिल्ला कर उठ बैठा. आवाज सुन कर सारा घर जाग
गया और उमेश को अस्पताल पहुंचाया. उस का प्रयागराज के रूपरानी नेहरू अस्पताल में लंबा इलाज चला. जोगिंदर की तरह उस का भी आपरेशन हुआ, तब कहीं जा कर जान बची, लेकिन जो चीज चली गई, उस की भरपाई कोई डाक्टर अब नहीं कर सकता.
आम हो रहे ऐसे अपराध देशभर में अब हर कभी और हर कहीं मर्दों के प्राइवेट पार्ट औरतों द्वारा काटे जाने की वारदात बेहद आम हो चली हैं, जो काफीकुछ सोचने के लिए मजबूर करती हैं. 17 दिसंबर, 2025 को पंजाब के लुधियाना में उस वक्त सनसनी मच गई थी, जब सीएमसी अस्पताल में अमित नाम का एक नौजवान अपना कटा लटकता सा प्राइवेट पार्ट ले कर इलाज के लिए पहुंचा था. डाक्टरों के पूछने पर अमित ने मनगढ़ंत कहानी यह बताई कि जालंधर बाईपास के पास कुछ बदमाशों ने उसे घेर कर लूटा और प्राइवेट पार्ट काट कर चलते बने. इलाज शुरू हुआ और फिर पुलिस आई तो असली कहानी सामने आई कि अमित का प्राइवेट पार्ट बदमाशों ने नहीं, बल्कि उस की माशूका रेखा ने काटा था. दरअसल, अमित और रेखा एकदूसरे से प्यार करते थे और मौजमस्ती के लिए शहर के इंडोअमेरिकन होटल में कमरा ले कर ठहरे थे. वहीं दोनों में ?ागड़ा हो गया. वजह वही पुरानी थी. रेखा जिद कर रही थी कि इतने दिन हो गए मुहब्बत करते हुए, शादी कब करोगे?
रेखा को सैकड़ों बार भोग चुका अमित अब गले में ढोल लटकाने के मूड में नहीं था, सो उस ने साफ मना कर दिया. इस बात पर दोनों में हाथापाई होने लगी. गुस्साई रेखा ने कटर से अमित का प्राइवेट पार्ट काट डाला. गुस्सा अमित को भी आ गया, तो उस ने पहले तो रेखा को ताबड़तोड़ घूंसे मारे और फिर गला दबा कर उस की हत्या कर दी. जाहिर है कि अमित को तगड़ी सजा होगी, लेकिन रेखा जो सजा दे गई है, वह जिंदगीभर उसे सालती रहेगी. मर्दों से कम नहीं औरतें आखिरकार पेशे से नर्स रेखा में इतनी ताकत और हिम्मत आई कहां से, जो उस ने लंबेतगड़े अमित का प्राइवेट पार्ट काट डाला? इतनी ही हिम्मत और ताकत कंचन देवी में भी आ गई थी और इतनी ही हिम्मत मंजू में भी आ गई थी. हालांकि, जब उस ने देवर का प्राइवेट पार्ट काटा, तब वह गहरी नींद में सो रहा था. मंजू ने आगेपीछे की परवाह नहीं की और न ही ससुराल और मायके वालों के बारे में कुछ सोचा.
दरअसल, औरतें अब पहले जैसी नाजुक नहीं रह गई हैं और मर्दों के हाथों खाए धोखे को किस्मत मान कर चुप नहीं बैठती हैं. सजा देने के लिए वे कानून पर भरोसा करती हैं या नहीं करती, यह ऐसी दर्जनों वारदात से साफ है कि नहीं करतीं, क्योंकि अदालतें धोखे को धोखा ही कई बार नहीं मानतीं, उलटे फैसले में यह कह देती हैं कि दोनों बालिग थे और रजामंदी से सैक्स संबंध बने थे, इसलिए कोई मामला ही नहीं बनता.
बात एक हद तक सही भी है, लेकिन इन औरतों की नजर और नजरिए से देखें, तो उन्होंने मर्द का सब से अहम और नाजुक अंग काट कर धोखे का बदला ही लिया है और ज्यादातर मामलों में वे तय कर चुकी थीं कि इस से बेहतर सबक और सजा कोई हो नहीं सकती कि मर्द जिंदगीभर सैक्स सुख के लिए तरसता रहे और जब भी तरसे तो उन्हें याद जरूर करे.
कोई दर्जनभर मामले प्राइवेट पार्ट काटने के देखें, तो सम?ा आता है कि तकरीबन सभी में मर्द या तो बिना कपड़ों के था या फिर सिर्फ अंडरवियर में था, जिस से पत्नी या माशूका को ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ी और उस ने सहूलियत से अपनी मंशा को अंजाम दे दिया. अब वह दौर गया कि माशूका या पत्नी अपनी किस्मत को कोसते हुए खामोश रह जाती थीं. जब से लड़कियां कमानेखाने बाहर निकली हैं या नौकरियां करने लगी हैं, तब से इस तरह के जुर्म और बढ़े हैं. मर्द औरत के हाथों पिट भी खूब रहे हैं और उन की हत्याएं भी माशूका या पत्नी कर रही हैं. पर हत्या जैसे संगीन अपराध के लिए आमतौर पर औरतों को दूसरे मर्द का साथ या सहारा चाहिए रहता है. प्राइवेट पार्ट काटने में यह जरूरी नहीं रह जाता, क्योंकि मर्द पूरे भरोसे के साथ उन के सामने हथियार डाल चुका होता है और उसे सपने में भी यह अंदाजा नहीं रहता कि थोड़ी देर पहले जो पत्नी या माशूका बिस्तर में उस के साथ तरहतरह से मजे लूट और लुटा रही थी, उस के दिमाग में कितना खतरनाक प्लान पनप रहा है.
तकरीबन सभी मामलों में औरतों ने सैक्स का लुत्फ लेने और देने के बाद ही मर्द को हमेशा के लिए मजे से महरूम किया. ऐसा ही एक मामला बीती 7 जनवरी को सोनीपत से सामने आया था, जिस में सरिता नाम की एक औरत ने अपने पति रामकिशन की हत्या प्राइवेट पार्ट दबा कर कर दी थी. रामकिशन एक मैरिज गार्डन में केयरटेकर की नौकरी करता था और गांजा पीने की लत का शिकार था. यहां तक तो सरिता बरदाश्त करती रही, लेकिन परेशान उस वक्त हो उठती जब पोर्न फिल्में देखने का भी आदी हो गया रामकिशन जबरन उसे भी पोर्न फिल्में दिखाता था और उन्हीं के मुताबिक जिस्मानी ताल्लुक बनाने के लिए मजबूर करने लगता था. इसी बात के चलते सरिता तंग आ चुकी थी, इसलिए उस ने सतपाल नाम के एक नौजवान की मदद से रामकिशन की हत्या कर दी.
अमेरिका से आया घातक चलन
भारत में मर्दों के प्राइवेट पार्ट काटने का जुर्म अब फैशन की शक्ल में पसर रहा है, लेकिन यह बहुत पुराना नहीं है. पिछले 5 सालों में ऐसी वारदात बढ़ी हैं. इन की छानबीन बताती है कि शायद पहली एफआईआर साल 2017 में केरल के तिरुअनंतपुरम में दर्ज हुई थी, जिस पर देशभर का ध्यान गया था. 23 साला कानून की एक छात्रा ने एक धर्मगुरु हरि स्वामी का प्राइवेट पार्ट काट डाला था और खुद ही पुलिस को खबर की थी. हरि स्वामी छात्रा के बीमार पिता को तंत्रमंत्र और ?ाड़फूंक के जरीए ठीक करने के बहाने घर में आताजाता था. इसी दौरान उस ने छात्रा का यौन शोषण करना शुरू कर दिया था, जो कोई 3 साल तक चला. इस से छात्रा तंग आ गई और उस ने न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी की तर्ज पर हरि स्वामी का प्राइवेट पार्ट ही काट डाला. हालांकि, इस से पहला ऐसा कभी नहीं हुआ था या नहीं हुआ होगा, यह गारंटी से नहीं कहा जा सकता. मुमकिन यह है कि कोई रिपोर्ट ही दर्ज न हुई हो या फिर लोकलाज के चलते मामलों ने तूल न पकड़ा हो. अब मामले जानबू?ा कर तूल दिए जाते हैं, ताकि औरतों को बदनाम किया जा सके और उन की इमेज बिगाड़ी जा सके.
यहां मकसद कतई अपराधी औरतों या किसी भी किस्म के अपराध की वकालत करना नहीं है, लेकिन इस हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता कि जब कोई औरत किसी अपराध को अंजाम देती है, तो मीडिया उसे बढ़ाचढ़ा कर पेश करता है. पेश क्या करता है, अपनी दुकान चलाने के लिए सुर्खियां लगा कर बेचता है. यह उस की मजबूरी भी दिखती है, क्योंकि प्राइवेट पार्ट काटे जाने पर मीडिया में ही प्रचलित यह कहावत काम करती है कि कुत्ता आदमी को काटे तो कोई खास खबर नहीं बनती, लेकिन कोई आदमी अगर कुत्ते को काट ले, तो जरूर खबर खास हो जाती है. दुनियाभर की बात करें तो पहला चर्चित मामला अमेरिका के वर्जिनिया राज्य से साल 1993 के जून महीने में सामने आया था. 24 साला बेहद खूबसूरत लारेना बाबिट की शादी 26 साला जौन बेन बाबिट से साल 1989 में हुई थी. 23 जून, 1993 को लारेना ने जौन का प्राइवेट पार्ट काट डाला था, क्योंकि घटना की शाम जौन जबरदस्ती सैक्स पर उतारू हो आया था, जबकि लारेना की रत्तीभर इच्छा भी उस वक्त सैक्स की नहीं थी. यह सौ फीसदी रेप करने जैसा था, क्योंकि जितना लारेना मना करती जा रही थी, उतना ही जौन उस पर हावी हुआ जा रहा था.
यह मुकदमा दुनियाभर में चर्चित रहा था. अदालत में लारेना ने बयान दिया था कि रेप करने के बाद जौन जब सो गया तो वह बिस्तर से उठी, किचन में जा कर पानी पिया जहां उसे प्लेटफार्म पर रखा चाकू दिख गया और जिसे हाथ में ले कर वह वापस बैडरूम में आई और सोते हुए जौन का प्राइवेट पार्ट काट डाला.
लारेना यहीं नहीं रुकी, बल्कि उस ने कटा हुआ प्राइवेट पार्ट उठाया और अपनी कार में बैठ कर चली गई और काफी देर तक वह सड़कों पर बेमकसद घूमती रही. लेकिन उसे कार चलाने में दिक्कत हो रही थी, क्योंकि एक हाथ में उस ने कटा हुआ प्राइवेट पार्ट थामा हुआ था, जिसे कुछ देर बाद एक खेत में फेंक दिया. कुछ देर सोचने के बाद उस ने ही पुलिस को फोन कर सारी बात बता दी. पुलिस ने लारेना को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुकदमे की कार्रवाई के दौरान जो कई बातें उजागर हुईं उन से जौन का असल चेहरा सामने आया कि वह अव्वल दर्जे का लंपट था और जिस के कई और लड़कियों से भी अफेयर थे. असलियत लारेना की भी सामने आई कि उस ने एक पागलपन के तहत प्राइवेट पार्ट काटा था, इसलिए उसे 45 दिन की मामूली सजा के बाद वहां के कानून के तहत बरी कर दिया गया.
यह कहानी बहुत लंबी और दिलचस्प है. जौन को इस मामले और मुकदमे से शोहरत तो मिली ही साथ ही डाक्टरों ने आपरेशन कर उस का प्राइवेट पार्ट जोड़ दिया, जो पुलिस ने लारेना की निशानदेही पर बरामद किया था. इस से भी ज्यादा हैरत की बात यह कि वह पहले की तरह काम भी करने लगा. इतना काम करने लगा कि जौन ने 2 पोर्न फिल्मो में काम भी किया और कुछ टीवी शो में भी वह दिखा.
इस मामले को दुनियाभर के मीडिया ने कवरेज दिया था, क्योंकि बात वही आदमी द्वारा कुत्ते को काटे जाने की खबर जैसी थी.




