Hindi Funny Story. होस्टल के कमरा नंबर 9211 में रहने वाला पंकज दोस्तों के साथ रैस्टोरैंट में बिल चुकाते समय नौ दो ग्यारह हो जाता था. क्या थी इस के पीछे की वजह?
होस्टल में रहने वाले पंकज का कमरा नंबर है 9211. यह नंबर अब उस के पते से ज्यादा उस के स्वभाव से ज्यादा जुड़ गया है.
पंकज खुद को घूमनेफिरने में सब से आगे रहने वाला टीम लीडर समझता है, पर बिल पेमेंट के समय नौ दो ग्यारह होने में भी वह सब से आगे रहता है.
पंकज बुरा इनसान कतई नहीं है. हंसमुख है, मिलनसार है और दोस्तों के काम आने में पीछे नहीं रहता. किसी की कार खराब हो जाए तो धक्का लगाने पहुंच जाएगा, किसी को एयरपोर्ट छोड़ना हो तो सुबह 5 बजे उठ जाएगा. बस, जहां बात अपना पर्स खोलने की आती हो, वहां उस के भीतर का हिसाबकिताब महकमा अचानक हलचल में आ जाता है.
घूमने का कार्यक्रम बनते ही पंकज ग्रुप लीडर बनने में देर नहीं करता. कहां चलेंगे? कहां रुकेंगे? खाना कहां अच्छा मिलेगा? पंकज सब तय कर देता है. व्हाट्सअप ग्रुप बना कर सारी योजना डाल देता है, लेकिन खर्च की बारी आते ही उस की आवाज अपनेआप कुछ धीमी पड़ जाती है.
एक बार होस्टल के कुछ दोस्त पहाड़ घूमने गए. होटल, टैक्सी और खाने का इंतजाम पंकज ने बड़े जोश से किया. सब ने उस की खूब तारीफ की. खाने का बिल आया, तो पंकज ने हिसाब लगा कर कहा, ‘‘इस में 2 मिनरल वाटर ज्यादा हैं.’’
वेटर ने कहा, ‘‘सर, आप ने ही मंगवाए थे.’’ ‘‘अच्छा... तो फिर रहने दीजिए.’’
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