Hindi Story. घर के अंदर से कराहने की आवाज आ रही थी... छटपटाहट भरी.

बूढ़ा हसन घर के दरवाजे पर बड़ी बेचैनी से टहल रहा था. वह कभी अपने दोनों हाथ मलता और कभी आसमान की तरफ देख लेता. तभी वहां बूढ़ा भगेलू भागताहांफता हुआ आया और बोला, ‘‘मियांजी, आप अब गांव छोड़ कर चले जाओ...’’

हसन मियां ने पलट कर भगेलू को एक नजर देखा. वह पसीने से तर था और बुरी तरह हांफ रहा था. उस की बात सुन कर हसन मियां के दिल में खयाल आया कि कह दे, ‘क्यों... क्यों जनाब... हम यह गांव खाली कर दें... क्या यह गांव हमारा नहीं... क्या तुम लोग मेरे नहीं... क्या मैं यहां पैदा नहीं हुआ... क्या हमारे बापदादा की जमीन यहां नहीं... मैं यह गांव खाली कर दूं...’

मगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा. आजकल गांवगिरांव और शहर में जो कुछ हो रहा था, उसे वे बखूबी जानतेसमझते थे.

उन्होंने बेचारगी से एक नजर भगेलू को देखा, जो उन का खास दोस्त था. वैसे तो गांव में बहुत सारे लोग थे अपने, मगर एक वही था, जो अब तक दोस्ती निभाए जा रहा था, जबकि उसे भी दुश्मनों ने मना किया था. मगर वह नहीं माना था. लुकेछिपे वह हसन के घर आ ही जाता था और गांव की खबर दे जाता था.

अभी 2 दिन पहले ही जब भगेलू आया था, तब उस ने हसन मियां से कहा था, ‘मियां, अब टाइम खराब आ गया है. अब गांव में भाईचारा नहीं रहा. शहर में हिंदूमुसलिम झगड़ा फूट पड़ा है. अब लगता है कि वह आग यहां भी जल्दी ही लगने वाली है. कब क्या हो जाए, कह नहीं सकते. रोज नएनए सियासी नेता आ रहे हैं और गांव में भड़काऊ भाषण दे रहे हैं...’

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