Honor Killing. हम भले ही मोबाइल, इंटरनैट और बड़ीबड़ी डिगरियों के दौर में जी रहे हों, लेकिन सच यह है कि हमारे समाज की सोच अब भी बहुत पीछे छूट गई है. जातपांत, लड़कीलड़के में फर्क और इज्जत के नाम पर खून. यह सब आज भी हमारे आसपास घट रहा है.
आज भी ऐसी खबरें आती रहती हैं. पर तकरीबन एक साल पहले दरभंगा बिहार में जब एक लड़की ने अपनी मरजी से शादी की, तो उस के पिता ने उसी के पति को मार डाला. सिर्फ इसलिए कि वह लड़का दूसरी जाति का था.
लेकिन इस मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि इस मामले से जुड़े एक वीडियो पर लोगों के कमैंट्स से यह उजागर हुआ कि ज्यादातर लोग उस लड़की को ही कुसूरवार ठहरा रहे थे. कोई कह रहा है था, ‘बाप ने ठीक किया’, तो कोई लिख रहा था, ‘ऐसी लड़की को तो पहले ही ठीक कर देना चाहिए था’, कोई लिख रहा है कि ऐसी लड़की को जिंदा जला देना चाहिए. किसी ने लिखा, ‘पिता ने बेटी को पढ़ाया, बड़ा किया और उस ने बाप की नाक कटवा दी.’
लेकिन सोचिए, क्या एक लड़की का अपनी जिंदगी चुनना कोई गुनाह है? क्या बेटी की मरजी, उस का प्यार और उस का भविष्य सिर्फ बाप की इज्जत के नीचे दबा रहना चाहिए?
सच यह है कि हमारा समाज आज भी लड़की को अपनी चीज सम झता है. वह सोचता है, ‘हम ने पाला है, तो फैसला भी हम ही लेंगे.’
औनर किलिंग, किस की इज्जत
हर साल हजारों बेटियां और बेटे इज्जत के नाम पर मारे जाते हैं. इसे लोग ‘औनर किलिंग’ कहते हैं. लेकिन सवाल यह है कि यह इज्जत है किस की?
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