Feature Story: आजकल नई और पुरानी हीरोइनें फिल्मों की बजाय वैब सीरीज करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं, क्योंकि वैब सीरीज में उन्हें ऐसा एक किरदार करने का मौका मिलता है, जो दिलचस्प और चैलेंजिंग होता है.
इस के अलावा वैब सीरीज में हीरोइन को उसी वक्त आना होता है, जब उस की जरूरत होती है, क्योंकि एक एक्टर के अपने रोल के लिए वैब सीरीज की टाइम लिमिट कम होती है, इसलिए हीरोइन को ज्यादा समय नहीं देना पड़ता.
फिल्मों में जहां हीरोहीरोइन पर पूरी फिल्म की कहानी टिकी होती है, वहीं वैब सीरीज में कहानी के मुताबिक हर किरदार की अपनी अलग जगह होती है. लिहाजा, जब हीरोइन का शूट होता है, तो उसे उतने समय तक ही अपना काम करना होता है. ऐसे में हीरोइन का समय भी बचता है और पैसा भी अच्छा मिलता है. साथ ही अपना मनपसंद किरदार निभाने का मौका भी मिलता है. अब माधुरी दीक्षित को ही देख लें. वे अपने एक्टिंग कैरियर में 2 पीढि़यों के हीरो के साथ काम कर चुकी हैं, जैसे विनोद खन्ना और अक्षय खन्ना, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर.
माधुरी दीक्षित ने साल 2002 के बाद फिल्मों में काम करना बहुत कम कर दिया था, लेकिन अब ओटीटी ने उन का ध्यान अपनी और खींचा, जिस के बाद माधुरी ‘द फेम गेम’ में नैगेटिव रोल में नजर आईं.
इस के बाद माधुरी की एक फिल्म ‘मजा मा’ भी ओटीटी पर रिलीज हुई. फिलहाल वे एक नई वैब सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ को ले कर चर्चा में हैं, क्योंकि उन्होंने इस वैब सीरीज में ऐसा खतरनाक काम किया है, जिसे देखने के बाद दर्शकों की धड़कनें रुक सकती हैं.
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