Film Story: खूबसूरत और हंसमुख हीरोइन केतकी कुलकर्णी ने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत साल 2015 में मराठी टैलीविजन सीरियल ‘अस्मिता’ से की थी, जिस में उन्होंने पूजा का किरदार निभाया था. इस के बाद उन्होंने ‘क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले’ से हिंदी टीवी में काम शुरू किया, जिस में उन्होंने युवा सावित्रीबाई फुले का रोल निभाया था. इस के बाद ‘एचएम बने टीएम बने’, ‘बैरिस्टर बाबू’ जैसे कई सीरियलों में काम किया. मराठी और हिंदी सिरियलों के अलावा उन्होंने फिल्म ‘1920 : हौरर्स औफ द हार्ट’ में भी काम किया. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के खास अंश :
आप का एक्टिंग जगत में आना कैसे हुआ?
मैं बचपन से ही एक्टिंग के क्षेत्र में आना चाहती थी. स्टेज पर प्रोग्राम करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ता चला गया. मैं ने 9 साल की उम्र में पहला आडिशन धारावाहिक ‘अस्मिता’ के लिए दिया था, जिस के लिए मैं चुन ली गई थी. वहीं से मेरी मम्मी को हिंदी शो का कौन्टैक्ट मिला, जहां मैं ने अपने प्रोफाइल भेजा और उसी से मु?ो धीरेधीरे काम मिलने लगा. किस शो ने आप की जिंदगी बदली? पहले मु?ो दर्शकों ने ‘अस्मिता’ शो में बचपन में देखा था, तब उन्होंने मेरे काम की तारीफ की थी. यहीं से मु?ो नया उत्साह मिला था.
इस क्षेत्र में आने के लिए आप के परिवार का सहयोग कैसा था?
मेरे पूरे परिवार का सहयोग हमेशा रहा है, लेकिन मेरी मां स्वाति कुलकर्णी ने सब से ज्यादा सपोर्ट दिया है. यहां तक पहुंचने का क्रेडिट मेरी मां को ही जाता है. उन की एक जिद थी कि मैं एक्टिंग करूं, क्योंकि वे इस विधा को बहुत पसंद करती हैं. मेरे पिता चार्टर्ड अकाउंटैंट हैं और मेरे लिए उन का सहयोग भी हमेशा रहा है.
क्या आप हिंदी फिल्मों में काम करने की इच्छा रखती हैं?
जरूर. जैसेजैसे काम मिलता जाएगा, मैं करूंगी. मैं हिंदी की रोमांटिक फिल्म करना चाहती हूं. मैं एक ड्रामा गर्ल हूं. मैं ऐसी हिंदी फिल्में करना चाहती हूं, जैसी डायरैक्टर संजय लीला भंसाली बनाते हैं. जैसी फिल्में धर्मा प्रोडक्शन की होती हैं.
इंटीमेट सीन करने में आप कितनी सहज रहती हैं?
मु?ो बहुत ज्यादा इंटीमेट सीन करना पसंद नहीं है. मैं ने अभी तक इस बारे में सोचा भी नहीं है. वैसे, मैं ज्यादा सहज नहीं हूं. मुझे आज तक जो भी लोग मिले हैं, उन्होंने मुझे सही गाइड किया है.
क्या आप कभी कास्टिंग काउच की शिकार हुई हैं?
ऐसा कभी नहीं हुआ, क्योंकि मैं सामने वाले की नीयत आसानी से सम?ा जाती हूं और गलत लोगों के बीच में नहीं गई.
आप ने औडिशन में नाकाम होने पर अपनी मायूसी को कैसे लिया?
मेरा औडिशन में तकरीबन 100 बार रिजैक्शन हुआ है. शो मिलतेमिलते रह गए. एग्रीमैंट साइन होने के बाद में भी मना कर देते हैं. मेरे लिए सब से बड़ी चुनौती मेरा चेहरा है.
जब मैं 15 साल की थी, तो सिर्फ
12 या 13 साल की तरह दिखती थी. इस से कई बार रोल मिलतेमिलते रह गए. ऐसे में मैं बहुत रोती थी. रोने से मेरा मन हलका हो जाता था.
आप की नजर में प्यार क्या है?
मेरी नजर में प्यार ही सबकुछ है, जिस से पूरी दुनिया चलती है. प्यार नहीं है, तो सबकुछ बेजान सा ही नजर आता है.
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