Feature Story: भोजपुरी सिनेमा को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाने और खुद माटी से जुड़े रहने वाले, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले रवि किशन का जीवन सोने की तरह आग में तपकर चमका है. चंद रुपए अपनी जेब में लेकर सपनों की नगरी में पहुंचे रवि किशन अपनी मेहनत के बलबूते आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जन्मे रवि किशन को बचपन से ही अभिनय में दिलचस्पी थी. उनका असली नाम रविंद्र नाथ शुक्ला है. गांव में होने वाली रामलीलाओं में वे सीता का किरदार निभाया करते थे. उनके पिता एक पुजारी थे. रवि किशन का एक्टिंग की तरफ झुकाव उन्हें बिलकुल पसंद नहीं था, लेकिन मां ने हमेशा उन का साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया.
रवि किशन की मां ही थीं जिन्होंने उनके सपनों को पंख दिए. अभिनय के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने रवि किशन को अपनी जमा पूंजी देकर मुंबई भेजा. लेकिन वहां काम ढूंढ़ना बिलकुल आसान नहीं था. संघर्ष के दिनों में वे एक छोटे से 10x12 के कमरे में 12 लोगों के साथ रहते थे और अक्सर एक ही थाली में पानी वाली खिचड़ी खाकर दिन गुजारते थे. अभिनय के मौके तलाशने के साथसाथ अपना खर्च चलाने के लिए कई छोटेमोटे काम भी किए.
'जिंदगी झंडवा, फिर भी घमंडवा, डायलॉग को असल मायनों में जीने वाले रवि किशन ने फिल्म 'लापता लेडीज' में भी जबरदस्त एक्टिंग से फिल्म में चार चांद लगाए थे. अपने दमदार अभिनय के दम पर उन्होंने केवल हिंदी और भोजपुरी ही नहीं, बल्कि तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी अपना लोहा मनवाया.
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