Funny Story in Hindi. राम प्रसाद के बड़े भाई श्याम प्रसाद पिछले 5 दिनों से अस्पताल में थे. पर बड़े भाई का बेटा और पत्नी को मोबाइल से ही फुरसत नहीं थी. क्या श्याम प्रसाद को लोगों की डिजिटल दुआएं लगीं?
राम प्रसाद पिछले 5 दिनों से शहर के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू के दरवाजे के सामने बिछी कुरसियों पर बैठे रहते थे. डाक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक उन के बड़े भाई श्याम प्रसाद के फेफड़ों में पानी भरने की समस्या खड़ी हो रही थी, इसलिए वे वहां भरती थे.
राम प्रसाद की आंखों में नींद आने का नाम नहीं था और उन के चेहरे पर बड़े भाई के खोने का एक गहरा डर साफ दिख रहा था. वे बैठेबैठे पलपल डाक्टरों की टीम को देखते रहते. वे तो खेतमाटी का कीड़ा थे, कभी शहर और अस्पताल का मुख नहीं देखा. बाहर के सब कामकाज उन का बड़ा भाई श्याम प्रसाद ही संभालता था. मातापिता चल बसे थे, दोनों एक ही छत के नीचे गांव में रहते थे.
आज तो 11 बज गए, अभी तक गांव से टिफिन भी नहीं पहुंचा. राम प्रसाद की भाभी एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं और एकलौता बेटा अपने नानके में रह कर वहां पढ़ाईलिखाई कर रहा है. 3 दिन से राम प्रसाद का टिफिन गांव से शहर में मजदूरी करने आते लड़कों के हाथ पहुंच जाता था. शहर के खानपान से वे बहुत ही परहेज करते थे.
कल खाने का टिफिन देते समय लड़कों ने कहा था, ‘‘अंकल, कल तो हम आप का टिफिन ले कर नहीं आ पाएंगे. अपने स्कूल से छुट्टी ले कर आप का भतीजा मोहित घर आ गया है, कल आप का खाने का टिफिन वही ले कर आएगा.’’
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