Hindi Story: यूट्यूब और सोशल मीडिया के इस जमाने में एक अजीब ट्रैंड चल रहा है कि मर्दों की सेहत को ले कर उन की पत्नियां ज्यादा चिंता में नहीं दिखती हैं, बल्कि जितने महिला यूटयूबरों के माथे पर बल दिखते हैं. वे महिलाएं, जिन्हें मर्दों के पीठदर्द, ब्लड प्रैशर, शुगर, दिमागी सेहत से ज्यादा उन की मर्दाना सेहत की चिंता है. इतनी चिंता कि लगता है जैसे इरैक्शन यानी मर्दाना अंग में तनाव कोई अनाथ बच्चा हो, जिसे अब यूट्यूब ने गोद ले लिया है.
यूट्यूब खोलते ही कोई सलोने पर गंभीर चेहरे वाली मोहतरमा चेतावनी देती दिखती है कि ‘महाशय, आप ने अगर भूल से भी ये 3 फल खा लिए, तो समझ लीजिए आप की मर्दानगी का नैवर्क चला जाएगा.’
अब मर्द घबरा जाता है, क्योंकि उसे तो यही नहीं पता था कि इरैक्शन भी मोबाइल टावर से चलता है और फल खाने से उस का सिगनल गिर सकता है. दूसरी मोहतरमा बड़े दबदबे से दावा करती है कि ‘प्लीज, इन 5 चीजों का रोज सेवन कीजिए, 60 की उम्र में भी 20 वाली फीलिंग आएगी.’
मर्द सोचता है कि अगर 20 वाली फीलिंग आ गई तो 20 वाली बेरोजगारी, भरम और असुरक्षा भी साथ आएगी क्या? क्योंकि अनुभव बताता है कि उम्र सिर्फ शरीर में नहीं, जिम्मेदारियों में भी होती है. लेकिन यूट्यूब के लिए बुढ़ापा बीमारी है और जवानी प्रोडक्ट. 65 व 70 के मर्द सोचते हैं कि यह उन के साथ भेदभाव है, 60 की जगह 70-80 भी बोलना था. फिर प्रोस्टैट की सेहत के वीडियोज का दौर शुरू होता है. ऐसा लगता है कि यूटयूब ने प्रोस्टैट के वीडियोज का एक अलग सैक्शन बना रखा है कि ‘यह मत खाइए, वह मत खाइए. अरे, यह तो जहर है, प्रोस्टैट का बंटाधार कर देगा.’
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