Hindi Story. जब से सोहागी ने सुना है कि गबरू भैया की हालत ज्यादा बिगड़ गई है और वह बस कुछ ही दिनों का मेहमान है, तब से वह बेचैन है. मुसीबत के ऐसे समय में तो सोहागी को वहां होना चाहिए, लेकिन मायके के लिए उठे उस के पैर बारबार रुक जाते. इस की वजह एक घटना थी, जब उस ने दोबारा कभी मायके न जाने की कसम खाई थी.
घटना 3 साल पहले की थी, जब गबरू के तीनों बेटों रामेश्वर, परमेश्वर और सोमेश्वर में अलगाव हुआ था. तीनों बेटों और बहुओं ने खेतीबारी, धनदौलत, घरद्वार और गृहस्थी का एकएक सामान बांट लिया था. उस बंटवारे में गबरू की कोई बात नहीं हुई थी. वह क्या खाएगा, क्या पहनेगा और कहां रहेगा, इस पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया था.
उस समय सोहागी वहां मौजूद थी. उस ने अलग होने के इस तरीके पर सवाल खड़ा कर दिया था. उस ने हर चीज में गबरू के लिए चौथा हिस्सा मांगा था.
यह ठीक भी था, लेकिन सोहागी का यह कहना घर के अंदरूनी मामले में दखल देना माना गया. तीनों बहुएं, जो पहले एकदूसरे की दुश्मन थीं, सोहागी के मामले में एक हो गईं.
गबरू बेबस था. वह नहीं चाहता था कि सोहागी का मायका छूटे और बुढ़ापे में उस के प्रति बहुओं में खटास पैदा हो, इसलिए उस ने खुद बीचबचाव किया.
गबरू ने तब सोहागी को समझाया था, ‘अब दुनिया में कितने दिन रहना है. यहीं नीम तले रह कर जिंदगी काट लूंगा. मैं खेतीबारी क्या करूंगा, बेटेबहू क्या सुबहशाम एक रोटी भी नहीं दे पाएंगे?’
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन




