Just for Fun. अभी जेनजी का उदय हुए कुछ ही दिन हुए हैं, पर इस के नतीजे बेहद असरदार तरीके में सामने आने लगे हैं. तानाशाही के साथ में रहने वाला हर शख्स जानता है कि वहां ‘आह’ निकलती है, ‘वाहवाह’ नहीं, क्योंकि तानाशाही का आखिरी नतीजा हमेशा तबाही ही होता है.
आज देश में तानाशाही की फसल जिस तेजी से लहलहा रही है, उस की तपिश में न जाने कितने लोग मजबूरी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं. वे सुविधाओं से केवल कटे ही नहीं, बल्कि उन से बहुत दूर धकेल दिए गए हैं.
आज शायद ही कोई ऐसा फील्ड बचा हो, जहां तानाशाही का परचम न लहरा रहा हो. देश कभी भाईचारे और सदाचार की राह पर आगे बढ़ रहा था, लेकिन अब वही समाज किनारे बैठा बेचारगी का दर्द झेल रहा है. दूसरी ओर कदाचार फलाहार की तरह परोसा जा रहा है और खुलेआम उल्लास के साथ नाच रहा है.
https://youtube.com/shorts/e49H_oel7BE?si=DXuR-EsUhmN2PwET
सरकार ने अपने विस्तार के लिए जिन पिछवाड़े के रास्तों और हथकंडों का सहारा लिया, उन्होंने कदाचार को ही फलनेफूलने का मौका दिया है. नतीजतन, देश का सिर शर्म से झुक गया है. सरकार की करतूतें जबजब सामने आती हैं, तबतब दुनियाभर में देश की बदनामी का नया अध्याय जुड़ जाता है. यह बदनामी अब कोढ़ की तरह साफसुथरे सामाजिक माहौल को खराब कर रही है.
सबसे दुखद यह है कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति ने इनसान को इतना जहरीला बना दिया है कि कभी जो चेहरे आपस में मिल कर मुसकान से खिल उठते थे, आज वही चेहरे नफरत की आग में झुलसते दिखाई देते हैं. भाईचारे की वह खुशबू अब कहीं खोती हुई महसूस होती है.
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