Story in Hindi. आज रामजी सिंह के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे, क्योंकि उन का बेटा मनोज विदेश से वकालत की डिगरी ले कर लौटने वाला था.

वे खुशी के मारे कुरसी छोड़ कर कमरे में चहलकदमी कर रहे थे कि तभी उन का नौकर जतिन कंधे पर एक बड़ा सा बैग लिए कमरे में घुसा. उस के पीछे मनोज भी था. उस ने झुक कर रामजी सिंह के पैर छुए.

रामजी सिंह ने मनोज को सीने से लगा लिया, फिर प्यार से बोले, ‘‘जब कोई बेटा अच्छा काम करता है, तो बाप का सिर गर्व से ऊपर उठ जाता है. आज तुम ने वही काम किया है.’’

‘‘यह सब आप के चरणों का प्रसाद है पिताजी,’’ मनोज ने कहा.

‘‘नहीं बेटा, यह तो स्वामी त्यागी बाबा की कृपा है, जिन्होंने तुम्हारी कामयाबी के लिए दिनरात एक कर के शंकर की पूजा की और उन से तुम्हारी कामयाबी की दुआ मांगी थी.

‘‘अब तुम पहले हाथमुंह धो कर कुछ खापी लो, फिर हम बाबा से आशीर्वाद लेने उन की मठिया चलेंगे.’’

https://youtube.com/shorts/eSGDGS5vFuY?si=5Gdj4iyazrK3v2KX

इस तरह की और वीडियो देखने के लिए सरस सलिल का चैनल सब्सक्राइब करें

थोड़ी देर बाद रामजी सिंह सोने और चांदी के कुछ गहने ले कर मनोज के साथ त्यागी बाबा के दर्शन के लिए चल दिए.

हालांकि यह सब मनोज को अच्छा नहीं लग रहा था, फिर भी वह अपने पिताजी की बात रखने के लिए उन के साथ चल दिया.

त्यागी बाबा की मठिया का नजारा देख कर मनोज कुछ पलों के लिए हैरान रह गया. वह मठिया नाम की थी, क्योंकि उसे देखने से ऐसा लगता था जैसे वह किसी राजामहाराजा का बड़ी शान वाला महल हो. मंदिर का तो कहना ही क्या, वह संगमरमर से बनवाया गया था. उस के बगल में गंगा नदी बहती थी.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
₹ 399₹ 299
 
सब्सक्राइब करें

सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
  • 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
  • चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
₹ 480₹ 399
 
सब्सक्राइब करें

सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
  • 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
  • चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...